रूस से महंगा तेल खरीदेगा भारत! Middle East युद्ध के बीच खत्म हुई छूट, Crude Oil सप्लाई पर नया दबाव

Post

India News Live,Digital Desk : मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर नई स्थिति बनती दिखाई दे रही है। इसी बीच खबर है कि भारत अब रूस से कच्चा तेल तो खरीदेगा, लेकिन पहले की तरह भारी छूट मिलने की संभावना कम हो गई है। इससे भारत को रूसी तेल अपेक्षाकृत अधिक कीमत पर खरीदना पड़ सकता है।

मध्य-पूर्व संकट से बढ़ी तेल की चिंता

Middle East में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों को आशंका है कि अगर यह तनाव और बढ़ा तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है।

रूस से तेल खरीद जारी रखेगा भारत

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था। उस समय अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रूस ने भारत सहित कुछ देशों को छूट देकर तेल बेचा था।

अब बदलती परिस्थितियों में यह संकेत मिल रहे हैं कि भारत को रूसी तेल तो मिलता रहेगा, लेकिन पहले जैसी भारी छूट मिलने की संभावना कम हो सकती है।

बढ़ सकती है तेल की लागत

यदि रूस से मिलने वाली छूट कम होती है तो भारत को कच्चा तेल ज्यादा कीमत पर खरीदना पड़ सकता है। इसका असर देश के ऊर्जा आयात बिल पर पड़ सकता है और वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

भारत के पास मौजूद है रणनीतिक भंडार

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद है, जिससे कुछ समय तक आपूर्ति की स्थिति संभाली जा सकती है। इसके अलावा भारत अलग-अलग देशों से तेल खरीदकर अपने स्रोतों में विविधता भी बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक हालात के आधार पर कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई की स्थिति तय होगी।