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November 01 2026 12:31 pm

India-Singapore relations in a new direction : प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और कौशल विकास पर 10 अहम समझौते तय

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India News Live,Digital Desk : भारत और सिंगापुर इस सप्ताह होने वाली दोनों देशों की मंत्रिस्तरीय बैठक में प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, कौशल विकास और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में लगभग 10 समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं।

मामले से वाकिफ सूत्रों के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के तहत भारत से सिंगापुर तक सौर ऊर्जा पहुँचाने के लिए समुद्र के नीचे केबल बिछाने के एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को अंतिम रूप देने का काम भी चल रहा है। इस प्रक्रिया से डेटा कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के अगले महीने भारत दौरे से पहले इन सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) की तीसरी बैठक 13 अगस्त को नई दिल्ली में होगी, जिसमें लॉरेंस वोंग के दौरे की तैयारियाँ की जाएँगी।

भारत से सिंगापुर को ग्रीन अमोनिया और ग्रीन हाइड्रोजन निर्यात करने का भी प्रस्ताव है, जिसे द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव आईएसएमआर के तहत सिंगापुर के छह मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।

पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान भारत-सिंगापुर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचाया गया था। भारत-सिंगापुर बैठक में कौशल विकास से संबंधित समझौतों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है, जो विमानन, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर केंद्रित होंगे।

आईएसएमआर में अमेरिकी टैरिफ नीति के प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि दोनों देश सालाना लगभग 1,00,000 भारतीयों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से एक योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईएसएमआर भारत में सिंगापुरी कंपनियों द्वारा निवेश बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा करेगा।

आईएसएमआर की पहली बैठक 17 सितंबर 2022 को नई दिल्ली में हुई थी, जिसमें सिंगापुर के चार मंत्री भारत आए थे। दूसरी बैठक 26 अगस्त 2024 को सिंगापुर में हुई थी। आगामी आईएसएमआर में दोनों देशों के बीच समग्र व्यापार को बढ़ावा देना भी एक प्रमुख एजेंडा होने की संभावना है।

सिंगापुर, आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का एक प्रमुख स्रोत है।