शेयर ट्रेडिंग के नाम पर इंस्पेक्टर बनकर 1.24 करोड़ की ठगी, सात लोग बने शिकार

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India News Live,Digital Desk : शाहजहांपुर में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताने वाले एक शख्स ने लोगों को शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर सात लोगों से करीब 1.24 करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़ितों का कहना है कि ठग उनकी रकम लेकर विदेश भागने की फिराक में है। इस मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि आरोपित का पता लगाने के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है।

शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी मुलाकात अरविंदो पार्क निवासी आनंद कुमार यादव से हुई थी। बातचीत के दौरान आनंद ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया और शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का दावा किया।

आनंद ने महेंद्र की मुलाकात आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विश्वजीत श्रीवास्तव और उनके सहयोगियों चंदा श्रीवास्तव, नवीन चंद्र श्रीवास्तव, मीनाक्षी, हरकेश, सोनू गुप्ता, राहुल उर्फ मनु, सुदामा कुशवाहा और चंदन शर्मा से कराई। इन लोगों ने कंपनी में निवेश करने पर गारंटी के साथ मुनाफा देने का वादा किया।

भरोसा जीतने के लिए आरोपितों ने गोरखपुर, कुशीनगर और लखनऊ स्थित कंपनी दफ्तरों का जिक्र किया और साथ ही आवासीय जमीन व गोल्ड शोरूम के दस्तावेज भी दिखाए। भरोसा कर महेंद्र व उनके परिवार ने पांच अलग-अलग खातों में करीब 55 लाख रुपये जमा कर दिए।

लेकिन तय समय के बाद जब चेक बैंक में लगाए गए तो सभी बाउंस हो गए। जब पीड़ितों ने रकम वापस मांगनी चाही तो आरोपितों ने साफ इनकार कर दिया।

महेंद्र का कहना है कि कथित इंस्पेक्टर ने ठगी के लिए अपनी बेटी के नाम से एक सोलर कंपनी भी खोल रखी थी। इसके अलावा आरोपितों ने अन्य लोगों को भी निशाना बनाया। इनमें इटौंजा निवासी अभिषेक कुमार शर्मा (13.80 लाख), मुरादाबाद निवासी जयदीप (15 लाख), उनके भाई ईश्वरशरण (10 लाख), वाराणसी रिजर्व पुलिस लाइन निवासी राहुल सिंह (5 लाख), पीतांबर सिंह (17 लाख) और इटौंजा निवासी प्रवेश कुमार (8.50 लाख) शामिल हैं।

पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी मालिक विश्वजीत श्रीवास्तव करोड़ों रुपये लेकर विदेश भागने की योजना बना रहा है।