पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना कर दे तो क्या करें? जानिए आपके अधिकार और आसान समाधान
India News Live,Digital Desk : हमारे देश में जब भी कोई व्यक्ति मारपीट, चोरी, छेड़छाड़ या किसी भी तरह की धमकी जैसा कोई अपराध करता है, तो सबसे पहला कदम पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराना होता है। एफआईआर एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसके ज़रिए पुलिस को आधिकारिक तौर पर अपराध की जानकारी मिलती है और फिर उसके आधार पर पुलिस जाँच शुरू करती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पीड़ित पुलिस स्टेशन पहुँचता है और वहाँ मौजूद अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से मना कर देते हैं। कुछ लोग इस इनकार के बाद घर लौट जाते हैं क्योंकि उन्हें आगे की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती।
हालाँकि, एफआईआर दर्ज न होने की स्थिति में भी नागरिकों के पास कई विकल्प होते हैं और कानून उन्हें न्याय पाने का पूरा अधिकार देता है। ऐसी शिकायतों की काफ़ी जानकारी सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध है। अगर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो थाने जाने से पहले किस नंबर पर कॉल करना चाहिए और अगर एफआईआर दर्ज न हो तो हम शिकायत कैसे दर्ज करा सकते हैं?
यदि पुलिस एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दे तो किस नंबर पर कॉल करें?
अगर आपके साथ कोई अपराध हुआ है और पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है, आपके पास कई कानूनी विकल्प हैं। लेकिन हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में एक पुलिस अधिकारी ने एक आसान और बेहद ज़रूरी नियम बताया है। जिसके ज़रिए अगर पुलिस FIR दर्ज करने से मना करे, तो आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए, थाने जाने से पहले 112 पर कॉल करें। जब आप FIR दर्ज कराने जा रहे हों, तो रास्ते में 112 पर कॉल करके बता दें कि आप FIR दर्ज कराने जा रहे हैं। यह कॉल रिकॉर्ड में रहेगी और बाद में सबूत के तौर पर आपके काम आएगी।
112 एक आपातकालीन नंबर है जिसका इस्तेमाल किसी भी बड़ी मुसीबत या अपराध की स्थिति में किया जाता है। भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अग्निशमन विभाग, चिकित्सा दल या पुलिस से तत्काल सहायता के लिए इसे 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन कॉल किया जा सकता है। आप लैंडलाइन या मोबाइल फ़ोन से 112 पर कॉल कर सकते हैं। यह आपातकालीन नंबर हर जगह मुफ़्त है।
यदि पुलिस एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दे तो शिकायत कहां दर्ज करें?
अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो आप अपने ज़िले के एसपी, डीसीपी या डीआईजी को शिकायत भेज सकते हैं। अगर उन्हें लगता है कि मामला सही है, तो वे किसी अधिकारी को जाँच का आदेश दे सकते हैं। इसके अलावा, अगर अपराध किसी दूसरे थाना क्षेत्र में हुआ है, तो आप किसी भी नज़दीकी थाने में भी एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। इसे ज़ीरो एफआईआर कहते हैं। पुलिस को इसे स्वीकार करके संबंधित थाना क्षेत्र को भेजना होगा।
इसके साथ ही अगर पुलिस और उच्च अधिकारी आपकी एफआईआर नहीं लेते हैं तो आप जिला अदालत में मजिस्ट्रेट के पास जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मजिस्ट्रेट पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और जाँच करने का आदेश दे सकता है। आजकल लगभग हर राज्य की पुलिस की एक ऑनलाइन वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन है जहाँ से आप ई-एफआईआर दर्ज कर सकते हैं। इसमें आप घटना और सबूत अपलोड कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपके साथ अन्याय हुआ है और पुलिस जानबूझकर लापरवाही बरत रही है, तो आप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) या राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर सकते हैं।