BREAKING:
November 06 2026 02:02 am

IAS तुकाराम मुंढे के कड़े फैसलों को मिला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का खुला समर्थन, बोले- अवैध गतिविधियों पर बिना दबाव जारी रहेगा सख्त ऐक्शन

Post

महाराष्ट्र प्रशासनिक सेवा में अपनी बेबाक कार्यशैली, अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) को लेकर राज्य सरकार ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। विभिन्न प्रशासनिक विभागों में अवैध गतिविधियों, अनियमितताओं और लेटलतीफी के खिलाफ मुंढे द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियानों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उनका खुलकर समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जनहित में काम करने वाले और नियमों का कड़ाई से पालन कराने वाले अधिकारियों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने तुकाराम मुंढे को व्यवस्था सुधारने और कानून सम्मत कार्रवाई करने के लिए 'फ्री हैंड' यानी खुली छूट देते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी दबाव में आए बिना सख्त ऐक्शन जारी रहेगा।

अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर सख्त रवैया: मुंढे की कार्यशैली की पहचान

2005 बैच के आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का करियर हमेशा से ही कड़े और साहसिक फैसलों के लिए जाना जाता रहा है। वे जिस भी विभाग या नगर निगम (चाहे वह नवी मुंबई हो, नासिक, नागपुर या विभिन्न राज्य स्तरीय विभाग) में रहे हैं, उन्होंने अवैध निर्माण, अतिक्रमण, ठेकेदारों की मनमानी और वित्तीय गबन के मामलों पर तत्काल नकेल कसी है।

हाल के दिनों में उनके विभाग में की गई कुछ सख्त कार्रवाइयों, औचक निरीक्षणों और अनुशासनहीन अधिकारियों-कर्मचारियों पर लिए गए ऐक्शन के बाद स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सुगबुगाहट तेज हो गई थी। कुछ गुटों द्वारा उनके फैसलों पर सवाल उठाने और शिकायतें दर्ज कराने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप ने ऐसे सभी विरोधों पर पूर्णविराम लगा दिया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कड़ा संदेश: 'ईमानदार अधिकारियों पर कोई दबाव नहीं'

मामले पर अपना रुख साफ करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया और प्रशासनिक बैठकों में स्पष्ट संदेश दिया:

राजनीतिक दबाव की कोई गुंजाइश नहीं: मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में सुशासन (Good Governance) और पारदर्शिता स्थापित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। जो अधिकारी जनहित में नियमों के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह के राजनीतिक या स्थानीय दबाव से डरने की जरूरत नहीं है।

कार्रवाई रहेगी अनवरत जारी: फडणवीस ने दोहराया कि जहां कहीं भी नियमों का उल्लंघन, जनता के पैसों की बर्बादी या अवैध गतिविधियां पाई जाएंगी, वहां कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगी।

जनता के हितों से कोई समझौता नहीं: शासन की जवाबदेही तय करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का सक्रिय और सख्त होना आवश्यक है, और सरकार ऐसे कदमों का स्वागत करती है।

प्रशासनिक महकमे और ठेकेदारों में हड़कंप

मुख्यमंत्री के इस खुले समर्थन के बाद राज्य के प्रशासनिक अमले और संबंधित विभागों के ठेकेदारों व बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। अक्सर देखा जाता है कि कड़े अधिकारियों के तबादले (Transfers) की मांग जोर पकड़ने लगती है, लेकिन सीएम फडणवीस के स्पष्ट स्टैंड से यह संदेश चला गया है कि सरकार तबादलों के जरिए दबाव बनाने की नीति का समर्थन नहीं करेगी।

तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग में अब कई लंबित फाइलों के ऑडिट, वित्तीय जांच और आम जनता से जुड़ी नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को और अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

तुकाराम मुंढे को मिले इस समर्थन का आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर स्वागत किया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर आम जनता हमेशा से मुंढे जैसे ईमानदार अधिकारियों के पक्ष में आवाज उठाती रही है। लोगों का मानना है कि यदि शीर्ष नेतृत्व से अधिकारियों को इस तरह की कार्य स्वतंत्रता और बैकअप मिलता है, तो इससे जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगती है और आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलती है।

मुख्यमंत्री के इस फैसले ने राज्य के नौकरशाही तंत्र को एक मजबूत संदेश दिया है कि योग्यता, ईमानदारी और कड़े सुधारों को सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है।