Hope for peace in Gaza conflict : मिस्र में चल रही वार्ता अहम मोड़ पर पहुंची

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India News Live,Digital Desk : मिस्र के एक खूबसूरत रिज़ॉर्ट में गाज़ा में जारी जंग को रोकने के लिए चल रही शांति वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार को हुई बातचीत के तीसरे दिन अमेरिका के शीर्ष मध्य पूर्व सलाहकार, क़तर के प्रधानमंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब चर्चा शांति समझौते के सबसे मुश्किल मुद्दों पर गहराई से हो रही है।

हमास की शर्त:“फिर से हमला नहीं होना चाहिए”

हमास ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि उसे मध्यस्थ देशों से पक्की गारंटी चाहिए — अगर बंधकों को रिहा कर दिया जाता है, तो इज़राइल दोबारा सैन्य अभियान शुरू नहीं करेगा।

गाज़ा में तबाही और जान का नुकसान

करीब दो साल से जारी इस संघर्ष में अब तक हजारों फ़िलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। गाज़ा पट्टी का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है।
दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कोई रास्ता निकलेगा, जिससे यह खूनी संघर्ष खत्म हो सके।

किन मुद्दों पर अटकी है बातचीत?

फिलहाल समझौते के कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई है —

  • हमास का निरस्तीकरण (हथियार छोड़ना)
  • इज़रायली सेना की वापसी का समय और क्षेत्रीय सीमा
  • गाज़ा में हमास के बाद शासन के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था की स्थापना

???????? ट्रंप का मिडिल ईस्ट दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि वे जल्द ही मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जा सकते हैं।
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “शायद मैं इस हफ्ते के आखिर में वहां जाऊं। बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है।”