India-Australia Defence Partnership on a New Direction: तीन अहम समझौतों से मजबूत हुए रिश्ते
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-10 17:53:00
India News Live,Digital Desk : भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। कैनबरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्लेस के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद ये समझौते हुए। इनका मकसद दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है।
तीन प्रमुख समझौते
इन समझौतों में सूचना साझा करने, पनडुब्बी खोज में सहयोग, और ज्वाइंट स्टाफ वार्ता की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी। यह कदम दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगा।
दो दिवसीय यात्रा पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे राजनाथ सिंह ने इस दौरान प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी मुलाकात की। मुलाकातों का मुख्य फोकस था — भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और अधिक गतिशील बनाना। इसके साथ ही, राजनाथ सिंह ने कैनबरा स्थित ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर साझा दृष्टिकोण
राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्लेस ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाए रखना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और नौवहन व हवाई मार्ग की स्वतंत्रता के प्रति अपना दृढ़ समर्थन दोहराया।
यह रुख खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता चिंता का विषय बनी हुई है।
रक्षा सहयोग और अनुसंधान पर जोर
बैठक में दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग में सहयोग, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट संदेश
राजनाथ सिंह ने बातचीत के दौरान आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख को फिर से स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा,
“आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते,
आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते,
और पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
गौरतलब है कि 12 साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की यह पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाती है।