1100 करोड़ में बिकी दुनिया की सबसे महंगी कार, मर्सिडीज का इतिहास और भारत में सबसे महंगी कार का मालिक कौन?

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India News Live,Digital Desk : दुनिया भर में लग्जरी कारों के शौकीन लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। हालात ये हैं कि कुछ लोग तो किसी भी कीमत पर कार खरीदने को तैयार रहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक शख्स ऐसा भी है जिसने दशकों पुरानी मर्सिडीज कार खरीदने के लिए 1100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च कर दिए। ये मर्सिडीज-बेंज की 1955 मॉडल की 300SLR है, जो 1148 करोड़ रुपये में बिकी।

इस मर्सिडीज कार को दुनिया की सबसे महंगी कार के तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइमन किडस्टन नाम के एक व्यक्ति ने 1148 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर इस कार को खरीदा है।

दुनिया की अब तक की सबसे महंगी कार

मर्सिडीज-बेंज 300 एसएलआर अपने समय की सबसे तेज़ कार थी। यह सबसे महंगी मर्सिडीज कार जर्मनी के मर्सिडीज-बेंज संग्रहालय में रखी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने 1950 में मर्सिडीज-बेंज 300 एसएलआर के केवल दो मॉडल बनाए थे। 1955 के बाद मर्सिडीज ने रेसिंग कारें बनाना बंद कर दिया। मर्सिडीज की यह कार आज तक दुनिया की सबसे महंगी कार मानी जाती है। इससे पहले, दुनिया की सबसे महंगी कार होने का रिकॉर्ड फेरारी 250 जीटीओ के नाम था। फेरारी की यह कार 542 करोड़ रुपये में बिकी थी।

यही कारण है कि रेसिंग कारों को बंद कर दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मर्सिडीज कार में तीन लीटर का इंजन लगा है। जिसकी क्षमता 302 PS है। इसका इंजन काफी दमदार है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1955 में जब इस रेसिंग कार को ले मैंस रेस में रेसिंग ट्रैक पर लाया गया था, तब एक बड़ा हादसा हुआ था। इस हादसे में कार चालक समेत 83 दर्शकों की मौत हो गई थी। ये साल 1955 था, जिसके बाद मर्सिडीज ने इस रेसिंग कार को बंद कर दिया।

भारत में सबसे महंगी कार का मालिक कौन है?

भारत में जब भी लग्ज़री कारों का ज़िक्र होता है, तो ब्रिटिश लग्ज़री निर्माता बेंटले का नाम ज़हन में आता है। बेंटले वाकई दुनिया की सबसे लग्ज़री कार निर्माताओं में से एक है और कुछ सबसे महंगी कारें बनाने के लिए जानी जाती है। इस कार को बैंगलोर में देखा गया। कार का यह खास मॉडल, मल्सैन, भारत में वी.एस. रेड्डी के पास मौजूद है, जो भारत की सबसे बड़ी मेडिकल न्यूट्रिशन निर्माण कंपनियों में से एक, ब्रिटिश बायोलॉजिकल्स के प्रबंध निदेशक हैं।

जब यह भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध थी, तब इसके स्टैंडर्ड मॉडल की कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये थी। आपको बता दें कि वीएस रेड्डी के स्वामित्व वाला यह स्पेशल एडिशन मॉडल बेंटले द्वारा बेचे जाने वाले सबसे अनोखे और महंगे मॉडलों में से एक है। बेंटले मुल्सैन EWB सेंटेनरी एडिशन के नाम से जानी जाने वाली इस कार को ब्रिटिश वाहन निर्माता कंपनी बेंटले ने अपनी 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाया था। EWB का मतलब है एक्सटेंडेड व्हीलबेस।