Heavy snowfall and rain bring Himachal Pradesh to a standstill : 4 नेशनल हाईवे समेत 885 सड़कें बंद, हजारों घर अंधेरे और पानी के संकट में

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India News Live,Digital Desk : हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से भारी हिमपात और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार शाम को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सड़क संपर्क, बिजली और पानी की आपूर्ति व्यापक रूप से बाधित हुई है। लगातार हिमपात और बारिश के कारण कई भूस्खलन हुए हैं, जिससे चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 885 सड़कें बंद हो गई हैं। 3,237 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं और 121 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों परिवारों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा प्रभावित मार्गों में एनएच-03, एनएच-05, एनएच-305 और एनएच-505 शामिल हैं। एनएच-05 किन्नौर में पूह और समदू के बीच बंद है, एनएच-305 कुल्लू में जलोरी दर्रे पर बंद है और एनएच-03 और एनएच-505 लाहौल-स्पीति में बंद हैं, जिसके कारण राज्य के कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है।

इन क्षेत्रों में स्थिति और भी बदतर है। 

शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, किन्नौर और चंबा जिलों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। अकेले शिमला जिले में ही 176 सड़कें, 1,082 ट्रांसफार्मर और 91 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कुल्लू में हाई-टेंशन लाइन फटने से बिजली संकट और भी बढ़ गया है, जिसके कारण 98 सड़कें बंद हो गई हैं।

लाहौल-स्पीति राज्य के बाकी हिस्सों से लगभग पूरी तरह से कट गया है, जहां 290 सड़कें बंद हैं। चंबा में 91 सड़कें और 200 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं, जबकि मंडी जिले में 128 सड़कें और 369 ट्रांसफार्मर बंद हैं।

प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया। 

मौसम में बदलाव के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया है। बर्फ हटाने वाली मशीनें, सड़क मरम्मत दल और बिजली एवं जल विभाग की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही, एसईओओसी नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रख रहा है।

राज्य प्रशासन ने बताया कि मौसम अनुकूल होने के कारण मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अवरुद्ध सड़कों को खोलने के लिए बर्फ हटाने वाली मशीनें और मरम्मत दल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। मौसम को देखते हुए राज्य में 24/7 निगरानी रखी जा रही है।