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October 17 2026 11:40 am

पाकिस्तान पर यूएस‑इरान संकट का भारी दबाव क्या Islamabad सही राह चुन पाएगा

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India News Live,Digital Desk : इस समय पाकिस्तान को यूएस और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक कठिन कूटनीतिक और सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है और हाल में खबरें आई हैं कि वह अपने सहयोगी देशों से सैन्य अड्डों की मांग कर सकता है ताकि ईरान के खिलाफ किसी अभियान में सहायता मिले। इससे पाकिस्तान एक दुविधा में फँसा हुआ है — वह अमेरिका के दबाव को नजरअंदाज नहीं कर सकता, लेकिन ईरान का समर्थन करने से भी उसे भीतरी अशांति और सीमा संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर ईरान में कोई बड़ी उथल‑पुथल या सत्ता परिवर्तन होता है, तो इससे पाकिस्तान के लिए सीमा पार उग्रवाद, हथियार तस्करी और शरणार्थी संकट जैसी चुनौतियाँ और तेज़ हो सकती हैं, खासकर उसके बलूचिस्तान प्रांत में, जो ईरान‑पाक सीमा के साथ लग रहा है। स्थानीय विद्रोही समूह इससे और अधिक सक्रिय हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा हालात बिगड़ सकते हैं।

साथ ही, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ व्यापार रखने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ जैसे आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा। इससे पाकिस्तान को किसी भी निर्णय के साथ राजनीतिक और आर्थिक जोखिम उठाना पड़ सकता है।

पाकिस्तान के पास फिलहाल कोई आसान रास्ता नहीं है — वह अमेरिका के साथ रिश्तों को बनाए रखना चाहता है, लेकिन पड़ोसी ईरान के साथ संबंधों को भी बिगाड़ना नहीं चाहता। इस कठिन संतुलन के चलते इस्लामाबाद पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दबाव दोनों बढ़ रहे हैं।