भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार का साफ संदेश: खेती और दुग्ध क्षेत्र से नहीं होगा कोई समझौता

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India News Live,Digital Desk : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार, कृषि और दुग्ध क्षेत्र को इस समझौते में शामिल नहीं किया जाएगा और भारतीय किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कृषि और दुग्ध क्षेत्र पर भारत का रुख अपरिवर्तित रहेगा।

कृषि और दुग्ध उत्पादन पर सरकार का कड़ा रुख।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि व्यापार समझौते के तहत भारतीय कृषि और दुग्ध उत्पादों पर कोई समझौता नहीं होगा। सरकार इस मुद्दे पर अडिग है और किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।

किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार का दावा है कि भारतीय किसानों के वर्तमान और भविष्य के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी। इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर खोलेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता 'मेक इन इंडिया' को और मजबूत करेगा।

भारत से अमेरिका को भेजे जाने वाले सामानों पर शुल्क कम कर दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद भारतीय सामानों पर शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति बनी।

'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' को बढ़ावा देते हुए 
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारत को उन्नत अमेरिकी प्रौद्योगिकियों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और देश में विनिर्माण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "यह समझौता किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए 'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड', 'डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' और 'इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड' के नए अवसर खोलेगा।"

भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करते हुए
गोयल ने कहा कि यह समझौता दो समान विचारधारा वाले लोकतंत्रों के साझा प्रगति के लिए मिलकर काम करने का प्रतीक है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस समझौते को "ऐतिहासिक व्यापार समझौता" बताते हुए कहा कि इससे भारत और अमेरिका दोनों के लिए विकास, नवाचार और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।