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September 05 2026 10:12 am

सरकार ने 1.17 करोड़ अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान की, 30 सितंबर तक नाम हटाने के निर्देश

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India News Live,Digital Desk : केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों की सूची को और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने पहली बार 1.17 करोड़ ऐसे कार्ड धारकों की पहचान की है जो नियमों के अनुसार मुफ़्त अनाज पाने के पात्र नहीं हैं। इस सूची में वे लोग शामिल हैं जो आयकर देते हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है या जो किसी कंपनी में निदेशक हैं।

केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के डेटाबेस का क्रॉस-वेरिफिकेशन करके 1.17 करोड़ अपात्र राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार की है। इनमें 94.71 लाख आयकरदाता, 17.51 लाख कार मालिक और 5.31 लाख कंपनी निदेशक शामिल हैं। सरकार ने सभी राज्यों को 30 सितंबर तक इन अपात्र नामों को सूची से हटाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राशन कार्ड का लाभ वास्तविक ज़रूरतमंदों को मिले। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद ज़रूरी है।

पात्रता मापदंड:

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा तैयार की गई इस सूची में लाभार्थियों को तीन मुख्य मानदंडों के आधार पर अयोग्य घोषित किया गया है:

  1. आयकरदाता: कुल 94.71 लाख लोग ऐसे हैं जो नियमित रूप से आयकर का भुगतान करते हैं, फिर भी मुफ्त खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं।
  2. चार पहिया वाहन मालिक: 17.51 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास अपनी कार है, जो दर्शाता है कि उनकी वित्तीय स्थिति अच्छी है।
  3. कंपनी निदेशक: 5.31 लाख लोग कंपनी के निदेशक के रूप में पंजीकृत हैं, जो इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

डेटा संग्रह और सत्यापन

इस उन्नत डेटाबेस को तैयार करने के लिए सरकार ने आयकर विभाग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों का इस्तेमाल किया है। इस डेटा का मिलान करके, उन कार्डधारकों की पहचान की गई है जो वास्तव में मुफ्त खाद्यान्न के पात्र नहीं हैं।

सरकारी निर्देश

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर 30 सितंबर तक इस सूची का सत्यापन करने और अपात्र नामों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से न केवल डुप्लिकेट और निष्क्रिय कार्ड समाप्त होंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि इस योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों को मिले, जो इसका मूल उद्देश्य है।

यह कदम क्यों आवश्यक है ?

इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य एनएफएसए की पारदर्शिता बनाए रखना है। इससे पहले, 2021 से 2023 के बीच लगभग 1.34 करोड़ फर्जी या अमान्य राशन कार्ड भी रद्द किए गए थे। वर्तमान में, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। अमान्य लाभार्थियों को हटाने से इस योजना में प्रतीक्षारत वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों को शामिल किया जा सकेगा।