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September 17 2026 04:12 pm

Google Pixel में आया नया AI Scam Detection, कॉल और मैसेज फ्रॉड पर ऐसे लगेगी लगाम

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डिजिटल फ्रॉड और फोन कॉल्स के जरिए होने वाली वित्तीय ठगी के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, ओटीपी मांगना या अर्जेंट पार्सल डिलीवरी के नाम पर डराकर पैसे ऐंठना अब बेहद आम हो चुका है। इन आधुनिक साइबर खतरों से निपटने के लिए टेक दिग्गज गूगल ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन 'गूगल पिक्सल' (Google Pixel) के लिए एक क्रांतिकारी सुरक्षा फीचर 'स्कैम डिटेक्शन' (Scam Detection) रोलआउट किया है। यह फीचर केवल सामान्य कॉलर आईडी की तरह नंबर नहीं दिखाता, बल्कि कॉल और मैसेजेस के दौरान चल रही बातचीत को रियल-टाइम में समझकर उपयोगकर्ता को आगाह करता है कि सामने वाला व्यक्ति ठग हो सकता है। इस नए फीचर ने डिजिटल सुरक्षा के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।

जेमिनी नैनो AI से लैस: कॉल के दौरान रियल-टाइम निगरानी

गूगल पिक्सल का यह नया स्कैम डिटेक्शन फीचर कंपनी के सबसे आधुनिक ऑन-डिवाइस मल्टीमॉडल एआई मॉडल 'जेमिनी नैनो' (Gemini Nano) द्वारा संचालित है। जब यूजर को किसी अज्ञात या संदिग्ध नंबर से कॉल आती है, तो यह एआई मॉडल बैकग्राउंड में कॉल की बातचीत के पैटर्न को ट्रैक करता है।

यदि सामने वाला कॉलर बातचीत में बैंक खाता तुरंत ब्लॉक होने, कोई अज्ञात ऐप डाउनलोड करने, गिफ्ट कार्ड खरीदने, पासवर्ड शेयर करने या लॉटरी जीतने जैसी बातें करता है, तो सिस्टम इन पैटर्न को तुरंत पकड़ लेता है। यह पैटर्न आमतौर पर स्कैमर्स द्वारा शिकार को डराने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। बातचीत के बीच में ही स्क्रीन पर तुरंत एक बड़ा लाल वॉर्निंग अलर्ट, तेज साउंड और वाइब्रेशन के साथ आ जाता है, जिस पर 'Likely Scam' लिखा होता है। यूजर उसी स्क्रीन से एक टैप में कॉल डिस्कनेक्ट कर सकता है या उसे 'Not a scam' मार्क कर सकता है।

100% ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग: प्राइवेसी पर आंच नहीं

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर एआई हमारी कॉल सुन रहा है, तो क्या हमारी निजी बातचीत गूगल के सर्वर पर जा रही है? गूगल ने स्पष्ट किया है कि स्कैम डिटेक्शन पूरी तरह से 'ऑन-डिवाइस' (On-Device) प्रोसेस होता है।

इसका मतलब यह है कि कॉल की ऑडियो या कोई भी टेक्स्ट डेटा कभी भी यूजर के फोन से बाहर नहीं जाता है। न तो यह डेटा किसी गूगल सर्वर पर भेजा जाता है और न ही फोन की मेमोरी में स्थायी रूप से स्टोर किया जाता है। बातचीत का विश्लेषण फोन के चिपसेट के भीतर सुरक्षित व अलग एनवायरनमेंट में होता है और कॉल खत्म होते ही डेटा तुरंत नष्ट हो जाता है। इसके अलावा, यह फीचर बाय डिफॉल्ट बंद रहता है और इसे यूजर को खुद फोन सेटिंग्स में जाकर चालू करना होता है।

फर्जी मैसेज और चैट्स पर भी अलर्ट

यह सुरक्षा केवल फोन कॉल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि गूगल ने इसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए भी एक्टिव किया है। जब फोन पर किसी अज्ञात नंबर या सपोर्टेड चैट ऐप से कोई नया नोटिफिकेशन आता है, तो ऑन-डिवाइस एआई उस मैसेज के पैटर्न को स्कैन करता है।

यदि मैसेज में किसी संदिग्ध लिंक, बैंक अकाउंट सस्पेंड होने की फर्जी चेतावनी, या व्यक्तिगत क्रेडेंशियल्स दर्ज करने की मांग की गई हो, तो नोटिफिकेशन पैनल में ही लाल चेतावनी आइकन के साथ 'Likely Scam' का टैग जुड़ जाता है। इससे यूजर मैसेज पर क्लिक करने या किसी अनजान फर्जी लिंक को खोलने से पहले ही सतर्क हो जाता है।

स्क्रीन-शेयरिंग और पेमेंट ऐप प्रोटेक्शन

गूगल ने वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक और मजबूत सुरक्षा लेयर जोड़ी है। कई मामलों में जालसाज यूजर से कोई रिमोट स्क्रीन शेयरिंग ऐप (AnyDesk, TeamViewer आदि) डाउनलोड करवा लेते हैं और फिर उनसे बैंक ऐप खोलने को कहते हैं।

गूगल पिक्सल में अब यह स्मार्ट डिटेक्शन है कि यदि किसी अज्ञात कॉल के दौरान स्क्रीन शेयरिंग ऑन है और यूजर Google Pay, Paytm या कोई अन्य बैंकिंग ऐप ओपन करता है, तो फोन तुरंत स्क्रीन पर एक बड़ा अलर्ट फ्लैश करता है। यह चेतावनी देती है कि स्क्रीन शेयरिंग के दौरान पेमेंट ऐप खोलना खतरनाक हो सकता है, और यूजर को एक सिंगल टैप में स्क्रीन शेयर और कॉल दोनों बंद करने का विकल्प देती है।

किन डिवाइसेज में काम करेगा यह फीचर और कैसे करें ऑन?

गूगल का यह एडवांस्ड जेमिनी नैनो पावर्ड स्कैम डिटेक्शन फीचर मुख्य रूप से गूगल पिक्सल 9 सीरीज और उससे नए डिवाइसेज पर भारत समेत प्रमुख वैश्विक बाजारों में उपलब्ध कराया गया है। जबकि पिक्सल 6 और उसके बाद के मॉडल्स में यह ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के जरिए काम करता है।

इस फीचर को चालू करने के लिए पिक्सल यूजर्स को अपने फोन की 'Phone' ऐप खोलनी होगी। इसके बाद टॉप-राइट कॉर्नर में थ्री डॉट्स पर टैप करके 'Settings' में जाएं और वहां 'Scam Detection' के विकल्प को सेलेक्ट करके टॉगल को ऑन कर दें। इसी तरह मैसेज फ्रॉड से बचने के लिए फोन की 'Security & Privacy' सेटिंग्स में जाकर 'Message Scams' को एक्टिव किया जा सकता है।