युवाओं के लिए खुशखबरी! अपना बिजनेस शुरू करने के लिए मिलेगा ₹5 लाख का ब्याज मुक्त लोन

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' (MYUVA) के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के जरिए युवा अपना नया उद्योग या सेवा क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त (Interest-Free) ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

बाराबंकी जिले में इस वर्ष 1800 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को 'जॉब सीकर्स' (नौकरी तलाशने वाले) के बजाय 'जॉब प्रोवाइडर्स' (रोजगार देने वाले) बनाना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ

ब्याज मुक्त ऋण: लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के मिलेगा।

सरकारी अनुदान (Subsidy): परियोजना की कुल लागत पर सरकार 10 प्रतिशत का अनुदान भी प्रदान करेगी।

क्षेत्र: यह योजना सूक्ष्म उद्योग (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Service Sector) से जुड़े व्यवसायों के लिए लागू है।

आवेदन के लिए पात्रता की शर्तें

उपायुक्त उद्योग दिनेश कुमार चौरसिया ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:

निवास व आयु: आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

शैक्षिक योग्यता: आवेदक कम से कम कक्षा 8 उत्तीर्ण होना चाहिए (इंटरमीडिएट पास युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी)।

कौशल प्रमाण पत्र: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या सरकारी प्रशिक्षण योजनाओं जैसे—विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP), यूपी कौशल उन्नयन, या एससी/एसटी/ओबीसी प्रशिक्षण योजना का प्रमाणपत्र होना चाहिए।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी इस योजना के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: msme.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है।

प्रक्रिया: वेबसाइट पर जाकर 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के लिंक पर क्लिक करें और मांगी गई सभी जानकारियां एवं दस्तावेज अपलोड करें।

बाराबंकी में रोजगार का बड़ा लक्ष्य

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग ने इस बार जिले में 1800 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।