Garud Puran Death Signs: मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेत और गरुड़ पुराण का महत्व
- by Priyanka Tiwari
- 2025-11-26 17:21:00
India News Live,Digital Desk : गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के नजदीक आने पर कई संकेत प्रकट होते हैं, जिनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंतिम समय करीब है।
परछाई का न दिखना – यदि व्यक्ति अपनी परछाई नहीं देख पाता, तो इसे मृत्यु का संकेत माना जाता है।
पूर्वजों के सपने – अगर व्यक्ति सपने में अपने पूर्वजों को बुलाते हुए देखता है, तो यह अंतिम समय के नजदीक आने का संकेत है।
यमदूत का प्रकट होना – मृत्यु के समय यमदूत दिखाई देने लगते हैं, अक्सर रात के समय। यह आसपास किसी नकारात्मक शक्ति की उपस्थिति का अहसास देता है।
कर्मों का दिखाई देना – अपने अच्छे और बुरे कर्मों का अनुभव होना भी मृत्यु के नजदीक आने का संकेत माना जाता है।
हाथों की रेखाओं का फीका होना – अंतिम समय में हाथ की रेखाएं हल्की पड़ जाती हैं या कुछ लोगों में हाथों की रेखाएं दिखाई नहीं देती।
रहस्यमयी द्वार का दिखना – मृत्यु के नजदीक आने पर व्यक्ति को रहस्यमयी द्वार दिखाई देते हैं, जो अंतिम यात्रा का प्रतीक हैं।
गरुड़ पुराण का पाठ कब और क्यों करना चाहिए
मृत्यु के बाद: गरुड़ पुराण का पाठ मृतक की आत्मा को शांति और मोक्ष दिलाने के लिए किया जाता है।
नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए: यह पाठ घर से नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करता है।
परिवार की शांति के लिए: मृतक के परिवार को मानसिक शांति और संतोष प्राप्त होता है।
गरुड़ पुराण के अनुसार यह ग्रंथ मृत्यु और मृत्यु के बाद की यात्रा के बारे में विस्तार से बताता है और इसे पढ़ने से मृतक और परिवार दोनों के लिए लाभकारी माना गया है।