गंगाएक्सप्रेसवे पर आज से भरें फर्राटा: बिना टोल चुकाए मिलेगी एंट्री, लेकिन निकलते समय ढीली होगी जेब
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की रफ्तार को नई उड़ान देने वाला महत्वाकांक्षी 'गंगा एक्सप्रेसवे' आज से आम जनता के लिए पूरी तरह खुल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को करीब 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 593.947 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। आज रात 12 बजे से इस मार्ग पर टोल टैक्स की वसूली भी शुरू हो जाएगी। मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अब न केवल छोटा होगा, बल्कि बेहद हाईटेक और सुरक्षित भी रहेगा।
डिजिटल एंट्री और सेंसर का पहरा
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी 'स्मार्ट एंट्री' प्रणाली है। यूपीडा के इंजीनियरों के अनुसार, जब आप मेरठ या किसी भी एंट्री पॉइंट से एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे, तो आपको वहां रुककर टोल नहीं देना होगा। एंट्री पॉइंट पर लगे अत्याधुनिक सेंसर आपकी गाड़ी का डेटा स्कैन कर लेंगे और डिजिटल एंट्री कंट्रोल रूम में दर्ज हो जाएगी। इसका मतलब है कि सफर की शुरुआत में कोई कतार नहीं मिलेगी, लेकिन जैसे ही आप एक्सप्रेसवे के 19 एग्जिट पॉइंट्स में से किसी एक से बाहर निकलेंगे, आपसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय टोल वसूला जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों की नजर में रहेगा हर वाहन
सुरक्षा के लिहाज से इस एक्सप्रेसवे को अभेद्य बनाया गया है। पूरे रूट पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो टोल प्लाजा पर बने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से जुड़े हैं। आपकी गाड़ी की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, जिससे तेज रफ्तार के बीच भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। किसी भी अप्रिय घटना या तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत सहायता के लिए टीमें तैनात रहेंगी।
100 किमी पर फ्यूल और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा
सफर को आरामदायक बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर नौ प्रमुख सुविधा केंद्र विकसित किए गए हैं। यात्रियों को हर 100 किलोमीटर पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। हालांकि, सीएनजी के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आज रात तक इसकी व्यवस्था भी सुचारू करने का प्रयास जारी है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट्स भी बनाए गए हैं। देश में पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी दी जा रही है।
फाइटर जेट की लैंडिंग और टोल की दरें
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का तीसरा ऐसा एक्सप्रेसवे है, जिस पर आपातकालीन स्थिति में फाइटर जेट और भारी मालवाहक जहाज लैंड कर सकेंगे। इसके लिए शाहजहांपुर के पास विशेष एयरस्ट्रिप तैयार की गई है। अगर बात करें टोल दरों की, तो हल्के वाहनों और कारों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है। इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा सफर तय करने पर कार सवारों को लगभग 1515 रुपये का टोल टैक्स चुकाना होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़कर व्यापार और निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा।