Ganesh Utsav 2025 : विसर्जन की सही तारीखें और शुभ समय
India News Live,Digital Desk : गणेश उत्सव अब धीरे-धीरे अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। कई घरों और मंडपों में भक्त सातवें दिन ही बप्पा को विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। गणेश विसर्जन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और संकल्प की पूर्णता का प्रतीक है। भले ही यह विदाई हर भक्त के लिए भावुक करने वाली हो, शास्त्र हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का चक्र "जो आता है, वह जाता है" पर आधारित है। हर अंत के बाद एक नई शुरुआत होती है, और यही विश्वास बप्पा को अगले साल फिर से स्वागत करने की प्रेरणा देता है।
गणेश विसर्जन के दिन और परंपरा
गणपति विसर्जन केवल अनंत चतुर्दशी को ही नहीं होता। कई भक्त परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या दसवें दिन बप्पा का विसर्जन करते हैं।
पंडित मनीष शर्मा के मुताबिक, 28 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक गणेश विसर्जन के कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। सही समय पर विधिपूर्वक विसर्जन करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
2 सितंबर 2025 को गणेश विसर्जन का शुभ समय
सातवें दिन बप्पा को भावभीनी विदाई देने के लिए 2 सितंबर के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह: 9:10 बजे से 2:10 बजे तक
दोपहर बाद: 3:35 बजे से 6:40 बजे तक
रात: 8:20 बजे से 10:50 बजे तक
31 अगस्त 2025 को विसर्जन के मुहूर्त
गणेश चतुर्थी के बाद भक्त पूरे भक्ति भाव से बप्पा का पूजन कर उन्हें विदाई देते हैं। 2025 में मुख्य विसर्जन तिथि 31 अगस्त है। इस दिन के शुभ समय:
सुबह: 7:40 बजे से 12:22 बजे तक
शाम: 6:25 बजे से 10:45 बजे तक
इन समयों में किए गए विसर्जन को विशेष फलदायी माना जाता है।
गणेश विसर्जन से पहले की तैयारियां
बप्पा को भोग, फूल और पंचामृत अर्पित करें।
परिवार के साथ आरती कर प्रार्थना करें।
विसर्जन से पहले मूर्ति को गंगाजल या स्वच्छ जल से स्नान कराएं।
घर पर विसर्जन करते समय साफ बर्तन में जल भरकर उसका उपयोग करें।
क्या महिलाएं विसर्जन कर सकती हैं?
जी हां, महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ गणेश विसर्जन में भाग ले सकती हैं। इसमें कोई धार्मिक रोक नहीं है।
विसर्जन का सही समय और परंपरा
अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन का पारंपरिक दिन माना जाता है। दिन के समय विसर्जन करना सबसे शुभ माना गया है। 2 सितंबर को सुबह 9:10 बजे से 2:10 बजे का समय विशेष रूप से श्रेष्ठ है।