ट्रंप के 'पाक प्रेम' पर भड़के पूर्व राजनयिक रैम एमेनुएल, भारत को नजरअंदाज करने पर सुनाई खरी-खोटी
India News Live,Digital Desk : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियां अब अमेरिकी गलियारों में ही विरोध का कारण बनने लगी हैं। पूर्व वरिष्ठ राजनयिक और ओबामा प्रशासन में चीफ ऑफ स्टाफ रहे रैम एमेनुएल ने ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर तीखा प्रहार किया है। एमेनुएल का आरोप है कि ट्रंप ने भारत के साथ दशकों की मेहनत से बने रणनीतिक रिश्तों को दरकिनार कर एक बार फिर 'धोखेबाज' पाकिस्तान का हाथ थाम लिया है।
"चार राष्ट्रपतियों की मेहनत ठुकराई": एमेनुएल का बड़ा दावा
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' को दिए एक इंटरव्यू में रैम एमेनुएल ने ट्रंप की 'पाकिस्तान फर्स्ट' नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा:
भारत की अनदेखी: "पिछले चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भारत को अमेरिका के सबसे भरोसेमंद साथी के रूप में स्थापित करने के लिए सालों पसीना बहाया है। लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति ने उस पूरी मेहनत को एक झटके में ठुकरा दिया है।"
गलत चुनाव: एमेनुएल ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ने एक उभरती वैश्विक शक्ति (भारत) के ऊपर एक अस्थिर मुल्क (पाकिस्तान) को चुनकर बड़ी रणनीतिक भूल की है।
पीएम मोदी और 'नोबेल पुरस्कार' का विवाद
एमेनुएल ने ट्रंप की नाराजगी के पीछे एक व्यक्तिगत और दिलचस्प कारण का भी खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने भारत के साथ संबंध इसलिए ठंडे कर दिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति समझौते (सीजफायर) के लिए ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आगे नहीं बढ़ाया था।
भारत का पक्ष: हालांकि, भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हुआ सीजफायर पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय फैसला था और इसमें किसी तीसरे देश (अमेरिका) की कोई भूमिका नहीं थी।
पाकिस्तान के 'मुरीद' हुए ट्रंप: "फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं"
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफों के पुल बांधने से नहीं थक रहे हैं।
इस्लामाबाद जाने के संकेत: ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान के साथ शांति वार्ता में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, "अगर ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर इस्लामाबाद में होते हैं, तो मैं वहां जरूर जाऊंगा। वे (पाकिस्तानी नेता) मुझे बहुत पसंद करते हैं।"
आसिम मुनीर की प्रशंसा: ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को 'फील्ड मार्शल' संबोधित करते हुए कहा कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत का श्रेय मुनीर को ही जाता है।
भारत के लिए चिंता का विषय?
एमेनुएल की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट संकट के कारण दक्षिण एशिया के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ट्रंप का पाकिस्तान की ओर झुकाव और वहां के सैन्य नेतृत्व की सार्वजनिक प्रशंसा करना भारत के लिए कूटनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत की भूमिका को कमजोर करने का प्रयास हो सकता है।