First Friday of Sawan : बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, गूंजा हर-हर महादेव

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India News Live,Digital Desk : पावन सावन के पहले शुक्रवार को काशी नगरी पूरी तरह शिवमय हो गई। बाबा विश्वनाथ के भक्तों का जोश, गूंजते जयघोष और जगह-जगह उमड़ा आस्था का सागर देखने लायक था। केसरिया वस्त्रों में सजे कांवरियों का जत्था हर ओर “बम-बम भोले” की गूंज के साथ बाबा के दर्शन को आतुर दिखा।

शुक्रवार सुबह जैसे ही काशी विश्वनाथ धाम के पट मंगला आरती के बाद खुले, दिशाएं "हर-हर महादेव" के नाद से गूंज उठीं। रात से ही गंगा स्नान कर श्रद्धालु कतारों में लग गए थे, ताकि सावन के पहले दिन ही बाबा को जल अर्पित कर सकें। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों ने भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वहीं, नमामि गंगे के सदस्य और वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों ने गंगा द्वार से बाबा के धाम तक शिवार्चन कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

शिवभक्त जब गर्भगृह के सामने पहुंचे और बाबा विश्वनाथ की झांकी के दर्शन किए, तो मानो उन्हें जीवन का सबसे बड़ा वरदान मिल गया हो। श्रद्धालु “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचे, जहां तीन प्रमुख शिखरों और अन्य देवालयों के सम्मुख पुष्पवर्षा के साथ उनका अभिनंदन हुआ।

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र, डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण और तहसीलदार मिनी एल. शेखर ने भी श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर भावनाओं को साझा किया।

उधर, अन्नप्रसाद की देवी मां अन्नपूर्णा को भी तीन थाल पुष्प अर्पित किए गए। अब वे बाबा विश्वनाथ को बेलपत्र और फूलों के साथ अक्षत अन्न प्रसाद भी भेंट करेंगी।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ज्ञानवापी द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और नमाज अदा करने जा रहे मुस्लिम समुदाय को शांतिपूर्ण रूप से अंदर जाने दिया गया।

चौबेपुर के कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यहां भक्तों ने गंगा स्नान कर बेलपत्र, पुष्प व जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया, जो देर शाम तक चलता रहा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर गेट और परिसर में पुलिस बल मौजूद रहा।