सोने की कीमत 2029 तक 3 लाख रुपये पार कर सकती है, एड यार्डेनी ने किया दावा
India News Live,Digital Desk : क्या आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए है। प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री और यार्डेनी रिसर्च के अध्यक्ष एड यार्डेनी ने भविष्यवाणी की है कि सोना 2029 तक 10,000 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर सकता है। यदि यह अनुमान सही है, तो भारतीय बाजार में सोने की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।

सोने की कीमत का पूर्वानुमान: हाल ही में सोने की कीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल 4,410 डॉलर प्रति औंस पर बिक रहा है। अमेरिकी अर्थशास्त्री और अनुभवी बाजार रणनीतिकार एड यार्डेनी के अनुसार, इस दशक के अंत तक सोने की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, यार्डेनी रिसर्च के अध्यक्ष एड यार्डेनी ने भविष्यवाणी की है कि 2029 तक सोने की कीमत 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यह भविष्यवाणी उनके 'रोरिंग 2020s' विजन का हिस्सा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना के चलते 22 दिसंबर को सोने की कीमत ने हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की।

अब सवाल यह उठता है कि इसका भारतीय उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा? अगर हम हिसाब लगाएं तो मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमत 4,410 डॉलर प्रति औंस है और अनुमानित कीमत 10,000 डॉलर है, जो लगभग 127% की बढ़ोतरी है। भारतीय बाजार में MCX पर सोने की मौजूदा कीमत लगभग 1,35,890 रुपये है। अगर यहां भी 127% की बढ़ोतरी होती है, तो 2029 तक भारत में सोने की कीमत लगभग 3.08 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

एड यार्डेनी सोने को न केवल संकट के समय का सहयोगी मानते हैं, बल्कि एक मजबूत दीर्घकालिक निवेश भी समझते हैं। इतिहास गवाह है कि जब सोने की कीमत बढ़ती है, तो वह लोगों की कल्पना से भी कहीं अधिक ऊंचाइयों तक पहुंच जाती है। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने की मांग हमेशा बनी रहती है। 2025 में अब तक सोने की कीमतों में 67% की वृद्धि हो चुकी है।

यारदेनी न केवल सोने बल्कि भारत को लेकर भी आशावादी हैं। उनका मानना है कि भारत की कानूनी और कॉर्पोरेट प्रणाली चीन की तुलना में अधिक मजबूत और विश्वसनीय है। उनके अनुसार, 2025 भारतीय बाजार के लिए स्थिरता का वर्ष हो सकता है, लेकिन 2026 में नए अवसर उत्पन्न होंगे और बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।