फोन चोरी या गुम होते ही न करें एक पल की देरी, तुरंत निपटाएं ये 3 जरूरी काम; बड़े वित्तीय नुकसान से बचेंगे आप
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन केवल बातचीत करने का साधन नहीं, बल्कि हमारी पूरी डिजिटल पहचान और बैंक की तिजोरी की चाबी बन चुका है। हमारे फोन में बैंक खाते से जुड़े यूपीआई ऐप्स, नेट बैंकिंग, आधार-पैन कार्ड के दस्तावेज, सोशल मीडिया हैंडल्स और निजी फोटो व वीडियो सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में जब किसी का फोन चोरी या गुम होता है, तो सबसे बड़ा खतरा महंगे हैंडसेट के जाने का नहीं, बल्कि उसके जरिए होने वाले बड़े वित्तीय फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग का होता है। साइबर एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि फोन चोरी होने के शुरुआती 30 मिनट बेहद नाजुक (Golden Hours) होते हैं। यदि इस दौरान पीड़ित व्यक्ति तुरंत सही कदम उठा ले, तो वह अपने बैंक बैलेंस और निजी डेटा दोनों को सुरक्षित रख सकता है।
जैसे ही आपको पता चले कि फोन आपके पास नहीं है और चोरी हो चुका है, तो घबराहट में समय गंवाने के बजाय किसी करीबी के फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर इन तीन प्राथमिक कामों को सबसे पहले पूरा करें।
1. सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कराएं और यूपीआई/बैंकिंग सेवाएं बंद करें
फोन चोरी होते ही शातिर अपराधी सबसे पहले सिम कार्ड निकालकर दूसरे डिवाइस में डालते हैं ताकि वे आपके बैंक खातों से लिंक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) हासिल कर सकें और गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या नेट बैंकिंग के जरिए पैसे ट्रांसफर कर लें। इसलिए सबसे पहला और अनिवार्य काम अपने टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) के कस्टमर केयर पर कॉल करके या नजदीकी रिटेल स्टोर पर जाकर अपनी खोई हुई सिम को तत्काल ब्लॉक करवाना है।
सिम ब्लॉक करवाने के साथ ही अपने मुख्य बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और यूपीआई आईडी को अस्थाई रूप से फ्रीज करवाएं। इसके अतिरिक्त Google Pay (1800-419-0157), PhonePe (080-68727374) और Paytm (0120-3888388) के कस्टमर सपोर्ट पर कॉल कर खोए हुए नंबर से जुड़े पेमेंट अकाउंट्स को ब्लॉक करने का अनुरोध करें। इससे कोई भी व्यक्ति ओटीपी या यूपीआई पिन रीसेट करके आपके खाते में सेंध नहीं लगा पाएगा।
2. रिमोटली डेटा वाइप (Erase Data) करें और सभी अकाउंट्स लॉग आउट करें
सिम और बैंकिंग सुरक्षित करने के बाद दूसरा कदम फोन में मौजूद निजी फोटो, वीडियो और चैट को सुरक्षित करना है। इसके लिए आप दूसरे फोन या लैपटॉप का सहारा लेकर अपने हैंडसेट को दूर बैठे ही पूरी तरह रीसेट (Wipe Out) कर सकते हैं:
एंड्रॉयड यूजर्स के लिए: किसी भी ब्राउज़र में जाकर android.com/find (Find My Device) खोलें और उसी जीमेल आईडी से लॉग इन करें जो चोरी हुए फोन में एक्टिव थी। यहां आपको फोन की अंतिम लोकेशन देखने के साथ 'Secure Device' और 'Erase Device' का विकल्प मिलेगा। 'Erase Device' पर क्लिक करते ही जैसे ही वह फोन इंटरनेट से कनेक्ट होगा, उसका सारा डेटा फैक्ट्री रीसेट हो जाएगा।
आईफोन (Apple) यूजर्स के लिए: icloud.com/find पर अपनी ऐपल आईडी से लॉग इन करें। वहां 'Lost Mode' ऑन करें और 'Erase iPhone' विकल्प चुनें। इससे फोन लॉक हो जाएगा और स्क्रीन पर सिर्फ आपका वैकल्पिक संपर्क नंबर दिखेगा, बाकी सारा डेटा मिट जाएगा।
इसके साथ ही अपने Google Account, Apple ID, WhatsApp, Facebook, Instagram और ईमेल के सुरक्षा सेटिंग्स में जाएं और 'Manage Devices' में जाकर 'Sign Out of All Sessions' कर दें, ताकि कोई भी आपके सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल न कर सके।
3. पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर फोन को हमेशा के लिए ब्लॉक करें
कई लोग सोचते हैं कि पुलिस शिकायत से फोन वापस नहीं मिलता, लेकिन कानूनी सुरक्षा के लिए पुलिस में ऑनलाइन ई-एफआईआर (e-FIR) या लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट दर्ज कराना बेहद जरूरी है। यदि चोर आपके फोन या सिम का उपयोग किसी आपराधिक गतिविधि में करता है, तो पुलिस रिपोर्ट ही आपका सबसे बड़ा कानूनी बचाव साबित होगी।
पुलिस कंप्लेंट दर्ज होने के बाद भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के आधिकारिक पोर्टल CEIR (Central Equipment Identity Register - ceir.gov.in) पर जाएं। यह पोर्टल देश भर के सभी टेलीकॉम नेटवर्क्स से जुड़ा हुआ है।
वेबसाइट पर 'Block Stolen/Lost Mobile' के विकल्प पर क्लिक करें और वहां अपना नाम, पता, फोन का आईएमईआई (IMEI) नंबर, पुलिस शिकायत की कॉपी और नया संपर्क नंबर दर्ज करें। फॉर्म सबमिट होते ही सरकार की तरफ से वह हैंडसेट पूरे भारत के टेलीकॉम नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि यदि चोर उसमें कोई नई सिम भी डालेगा, तो वह फोन किसी भी नेटवर्क पर काम नहीं करेगा और सीधे 'डब्बा' बन जाएगा। साथ ही, जैसे ही कोई नई सिम उसमें लगेगी, पुलिस और जांच एजेंसियों को उसकी लाइव लोकेशन का अलर्ट चला जाएगा।