उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की चर्चा तेज, विपक्षी सांसदों के रुख पर सबकी नजर
India News Live,Digital Desk : देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए आज संसद में मतदान जारी है। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी 'भारत गठबंधन' के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला है। संख्या बल के हिसाब से जहां एनडीए की जीत तय मानी जा रही है, वहीं अजित पवार की पार्टी एनसीपी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि कई विपक्षी सांसद भी राधाकृष्णन को वोट देंगे, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी जीत का दावा करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग भी यह जानते हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीति गरमा गई है। संसद परिसर में चल रही वोटिंग के बीच नेताओं के बयानों ने चुनाव में नया मोड़ ला दिया है।
क्रॉस वोटिंग संकेत
अजित पवार की पार्टी एनसीपी के राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के संकेत दिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उम्मीदवार हैं और वह बहुत अच्छे वोटों से जीतने वाले हैं। 'इंडिया अलायंस' के कई सांसद हमें बता रहे हैं कि वे व्यर्थ में चुनाव क्यों लड़ रहे हैं, हम सी.पी. राधाकृष्णन को वोट देंगे।" उनके इस बयान से साफ़ है कि विपक्षी गठबंधन के कुछ सदस्य एनडीए उम्मीदवार को वोट देने के लिए तैयार हैं।
एनडीए नेताओं को जीत का भरोसा
प्रफुल्ल पटेल के बयान के बाद एनडीए के अन्य नेताओं ने भी जीत का भरोसा जताया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट हैं: एक तरफ 445 वोट और दूसरी तरफ 320 वोट। दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत निश्चित है और विपक्ष के लोग भी इसे अच्छी तरह जानते हैं।" उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष के कुछ सदस्य अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर एनडीए को वोट देंगे। इसी तरह, वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने भी कहा कि जिस तरह सूरज पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है, उसी तरह सी.पी. राधाकृष्णन की जीत भी निश्चित है।
चुनाव कार्यक्रम और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज ही नतीजे घोषित किए जाएँगे। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण हो रहा है। उन्होंने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल अभी 2 साल बाकी था।