अबू धाबी में आसमान से बरसी मौत: मिसाइल का मलबा गिरने से 2 की दर्दनाक मौत, सड़क पर बिछ गईं लाशें, कई गाड़ियां तबाह

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India News Live,Digital Desk : मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध की आग अब खाड़ी देशों के सुरक्षित माने जाने वाले शहरों तक पहुंच गई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी गुरुवार को उस समय दहल उठी, जब एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में मार गिराए जाने के बाद उसका भारी-भरकम मलबा व्यस्त स्वेहान रोड (Sweihan Road) पर आ गिरा। इस भीषण हादसे में दो राहगीरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मलबे की चपेट में आने से सड़क पर खड़ी और चल रही कई गाड़ियां पूरी तरह तहस-नहस हो गई हैं।

स्वेहान रोड पर मलबे का तांडव, मची चीख-पुकार

अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यूएई की मिसाइल डिफेंस प्रणाली ने दुश्मन की मिसाइल को शहर की सीमा में घुसने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया था। हालांकि, मिसाइल के फटने के बाद उसका जलता हुआ मलबा सीधे स्वेहान रोड पर गिरा। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और सड़क पर खड़ी कारें लोहे के ढेर में तब्दील हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

कुवैत और सऊदी अरब पर भी भीषण हमला

खाड़ी क्षेत्र में तनाव केवल यूएई तक सीमित नहीं है। गुरुवार सुबह कुवैत सेना के जनरल स्टाफ मुख्यालय ने एक सनसनीखेज बयान जारी कर बताया कि ईरान ने कुवैत पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स से बड़ा हमला किया है। वहीं, सऊदी अरब को भी बीती पूरी रात ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा। सऊदी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, रात भर में कम से कम 8 मानवरहित हवाई वाहन (UAVs/Drones) सऊदी सीमा में दागने की कोशिश की गई, जिन्हें नाकाम करने के प्रयास जारी हैं।

नागरिकों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी

यूएई और सऊदी अरब की सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट का पालन करें। खाड़ी देशों में बढ़ते इन हमलों ने वैश्विक तेल बाजार और वहां रह रहे लाखों प्रवासियों (जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की है) के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

ईरान-इजरायल युद्ध का विस्तार?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब सीधे तौर पर उन देशों को निशाना बना रहा है जो अमेरिका या इजरायल के सहयोगी माने जाते हैं। अबू धाबी और कुवैत पर हुए ये हमले इस बात का संकेत हैं कि युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में लेने की ओर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन हमलों की निंदा कर रहा है और तनाव कम करने की अपील कर रहा है।