BREAKING:
September 09 2026 04:01 am

'क्रिकेटर्स को नहीं होगी वॉशरूम और सुविधाओं की कोई दिक्कत...': एशियाई खेलों के वेन्यू विवाद पर जापान का बड़ा बयान

Post

जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले आगामी एशियाई खेलों (Asian Games) में क्रिकेट की भव्य वापसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हालांकि, टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले पिछले कुछ दिनों से क्रिकेट वेन्यू, खिलाड़ियों के बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर, चेंजिंग रूम और वॉशरूम जैसी प्राथमिक सुविधाओं को लेकर एशियाई क्रिकेट जगत में कई तरह की चिंताएं और सवाल खड़े किए जा रहे थे। विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान जैसे उपमहाद्वीप के क्रिकेट पावरहाउस देशों के क्रिकेट बोर्ड्स और फैंस की ओर से यह सवाल उठाया गया था कि क्या बेसबॉल की बहुलता वाले देश जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटरों के लिए पर्याप्त और आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी? इन तमाम अटकलों और रिपोर्टों पर अब जापानी आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन ने सीधे शब्दों में विराम लगा दिया है। जापान ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए आश्वस्त किया है कि किसी भी टीम या खिलाड़ी को वॉशरूम, ड्रेसिंग रूम या किसी भी अन्य बुनियादी सुविधा को लेकर रत्ती भर भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और टूर्नामेंट के दौरान विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।

एशियाई खेलों में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठा था सवाल: भारत-पाकिस्तान की चिंताओं पर जापान का रुख साफ

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी शीर्ष एशियाई टीमें किसी बहु-खेल आयोजन (Multi-Sport Event) में हिस्सा लेती हैं, तो उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खान-पान और ग्राउंड सुविधाओं का पैमाना बेहद ऊंचा होता है। पिछले कुछ हफ्तों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि जापान में क्रिकेट के लिए तैयार किए जा रहे कुछ वेन्यू अस्थायी या मॉड्यूलर ढांचे पर आधारित हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय स्टार्स के लिए पर्याप्त संख्या में अटैच्ड वॉशरूम, रेस्टिंग लाउंज और रिकवरी एरिया की कमी हो सकती है।

इस मुद्दे को लेकर एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) और संबंधित देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने आयोजन समिति से संपर्क साधा था। इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए जापानी अधिकारियों ने मीडिया के सामने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया। आयोजन समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जापान अपनी असाधारण मेहमाननवाजी (ओमोतेनाशी) और दुनिया के सबसे आधुनिक स्वच्छता मानकों के लिए जाना जाता है। ऐसे में यह सोचना भी गलत है कि दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों के लिए वॉशरूम या स्वच्छता से जुड़ी कोई कमी रह जाएगी। जापान ने भरोसा दिलाया है कि पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मैचों के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के सभी बुनियादी और एथलीट-विशिष्ट दिशानिर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा।

वर्ल्ड क्लास सुविधाओं का वादा: खिलाड़ियों के लिए हाई-टेक वॉशरूम और मॉड्यूलर ड्रेसिंग रूम

जापानी आयोजन समिति ने वेन्यू पर खिलाड़ियों के लिए तैयार किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत खाका भी प्रस्तुत किया है। मैदान पर केवल अस्थायी टेंट लगाने के बजाय अत्याधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड और वातानुकूलित (Air-Conditioned) प्लेयर पवेलियन तैयार किए जा रहे हैं। इन पवेलियन में हाई-टेक स्वचालित जापानी वॉशरूम, गर्म पानी के साथ शावर एरिया, आइस बाथ फैसिलिटी और फिजियोथेरेपी रूम की पूरी व्यवस्था की जा रही है।

इसके अलावा, मैच के दौरान अत्यधिक गर्मी और उमस से निपटने के लिए खिलाड़ियों के डगआउट और चेंजिंग रूम में आधुनिक क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। आयोजन समिति ने पुष्टि की है कि स्टेडियम के मुख्य पवेलियन से लेकर प्रैक्टिस नेट्स तक हर जगह समर्पित, पूरी तरह से सैनिटाइज्ड और अलग-अलग टीम वॉशरूम्स मौजूद रहेंगे ताकि खिलाड़ियों को किसी भी साझा या सार्वजनिक क्षेत्र का उपयोग न करना पड़े। प्रत्येक टीम के साथ एक समर्पित लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट स्टाफ तैनात रहेगा जो खिलाड़ियों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का तुरंत समाधान करेगा।

भारत-पाकिस्तान समेत एशियाई दिग्गजों की नजरें गोल्ड मेडल पर: स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी से बढ़ा दबाव

एशियाई खेलों में क्रिकेट की लोकप्रियता और इसका वैश्विक प्रभाव किसी भी अन्य खेल से कहीं अधिक माना जाता है। भारत की पुरुष और महिला टीमें, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीमें इस बार गोल्ड मेडल जीतने के मजबूत इरादे से मैदान पर उतरने वाली हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस टूर्नामेंट के लिए अपने मजबूत और स्टार-स्टडेड स्क्वॉड भेजने की तैयारी की है।

जब जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन, शाहीन शाह अफरीदी और बाबर आजम जैसे वैश्विक सुपरस्टार्स टूर्नामेंट में शिरकत करते हैं, तो सुरक्षा और सुविधाओं के मानक स्वाभाविक रूप से उच्चतम स्तर के होने चाहिए। आयोजकों का कहना है कि वे इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि करोड़ों की संख्या में दर्शक इन मुकाबलों को टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव देखेंगे। ऐसे में वेन्यू के इंफ्रास्ट्रक्चर में किसी भी तरह की तकनीकी या लॉजिस्टिक खामी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है।

बेसबॉल के देश में क्रिकेट का नया रोमांच: आयोजन समिति की विशेष तैयारियां

जापान ऐतिहासिक रूप से बेसबॉल और मार्शल आर्ट्स का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में वहां क्रिकेट का तेजी से प्रसार हुआ है। तोचिगी प्रांत के सानो शहर और आइची क्षेत्र में क्रिकेट के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार टर्फ पिचें और आउटफील्ड तैयार की गई हैं। ऑस्ट्रेलिया और अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों के विशेषज्ञों की मदद से पिचों की उछाल, घास की गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम को आईसीसी मानकों के अनुरूप ढाला गया है।

जापानी आयोजकों का मानना है कि एशियाई खेल 2026 उनके देश में क्रिकेट के प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा माध्यम बनने जा रहे हैं। साल 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में भी क्रिकेट को शामिल किया गया है, जिसके चलते जापान एशियाई खेलों के सफल आयोजन के जरिए यह साबित करना चाहता है कि गैर-पारंपरिक क्रिकेट राष्ट्र भी इस खेल के सबसे बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर जीरो टॉलरेंस: जापान की वैश्विक साख का इम्तिहान

टूर्नामेंट के आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने साफ किया कि जापान अपनी प्रतिष्ठा और वैश्विक साख के साथ कभी कोई समझौता नहीं करता। चाहे वह टोक्यो ओलंपिक 2020 का सफल आयोजन हो या एशियाई खेलों की तैयारी, एथलीटों का आराम और सम्मान हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहता है।

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड्स को यह औपचारिक आश्वासन भेजा गया है कि वेन्यू पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं किसी भी द्विपक्षीय सीरीज या आईसीसी विश्व कप के वेन्यू से कमतर नहीं होंगी। भोजन में एशियाई और उपमहाद्वीपीय खिलाड़ियों की पोषण संबंधी प्राथमिकताओं (हलाल भोजन, शाकाहारी विकल्प और विशेष एथलीट डाइट) का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

जापान द्वारा दिए गए इस आधिकारिक और स्पष्ट बयान के बाद अब मैदान के बाहर की सभी गैर-जरूरी बहसों पर विराम लग गया है। दोनों देशों के क्रिकेट फैंस और खिलाड़ी अब अपना पूरा ध्यान 22 गज की पट्टी पर होने वाले ऐतिहासिक मुकाबले और स्वर्ण पदक की जंग पर केंद्रित कर सकते हैं।