कांग्रेस का ऑपरेशन अगस्त उत्तर प्रदेश में, जय हिंद यात्रा से BJP की स्वदेशी रणनीति पर उठाए सवाल
India News Live,Digital Desk : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी राजनीतिक सक्रियता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। पार्टी ने आगामी अगस्त माह को 'क्रांतिकारियों का महीना' बताते हुए, प्रदेश भर में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, अजय राय, ने इस रणनीति के तहत एक ज़मीनी आंदोलन, 'जय हिंद यात्रा' (Jai Hind Yatra) की घोषणा की है। यह यात्रा न केवल पार्टी की ब्लॉक-स्तरीय उपस्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों, खासकर 'स्वदेशी' (Swadeshi) के मुद्दे पर, उनकी कथनी और करनी के अंतर को जनता के सामने उजागर करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी।
8 अगस्त से 'जय हिंद यात्रा' का शंखनाद, काकोरी के शहीद स्मारक से आगाज
अजय राय ने बताया कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को शुरू किए गए 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) की वर्षगांठ के अवसर को भुनाने की तैयारी में है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस आठ अगस्त को लखनऊ स्थित काकोरी में शहीद स्मारक (Shaheed Smarak, Kakori) पर तिरंगा (Tiranga) फहराने के साथ ही 'जय हिंद यात्रा' का शुभारंभ करेगी। यह यात्रा न केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी, बल्कि यह देश की एकता और अखंडता के प्रतीक के रूप में 'जय हिंद' के नारे को पुनः स्थापित करने का भी प्रयास करेगी।
16 जिलों में फैलेगी 'जय हिंद यात्रा', वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
'जय हिंद यात्रा' केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगी, बल्कि यह पूरे अगस्त महीने में सक्रिय रहेगी। योजना के अनुसार, यह यात्रा लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, आगरा, आजमगढ़ सहित प्रदेश के कुल 16 जिलों से होकर गुजरेगी और 28 अगस्त तक जारी रहेगी। इस यात्रा के दौरान, पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेता (Senior Congress Leaders) मौजूद रहेंगे, जो स्थानीय लोगों से संवाद करेंगे, कांग्रेस के जन-समर्थक एजेंडे को सामने रखेंगे और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे। यह अभियान उत्तर प्रदेश कांग्रेस को राज्य में एक मजबूत 'विपक्ष' (Opposition) के तौर पर स्थापित करने और जनता से सीधे जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
BJP पर 'नकली स्वदेशी' का आरोप, PM-CM की विदेशी उत्पादों पर कसा तंज
अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जहां भाजपा के नेता घर-घर तिरंगा फहराने की बात कर रहे हैं, वहीं अमेरिका द्वारा टैरिफ (tariff) बढ़ाए जाने पर अब वे 'स्वदेशी' अपनाने का आह्वान कर रहे हैं। यह दोहरा मापदंड है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता जनता को स्वदेशी अपनाने का संकल्प (vow to adopt Swadeshi) दिला रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) खुद विदेशी कंपनी का चश्मा (foreign brand spectacles) पहनते हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और उनके मंत्री विदेशी कंपनियों की महंगी गाड़ियों (foreign company vehicles) में यात्रा करते हैं। राय ने भाजपा पर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजों का साथ देने का भी आरोप लगाया और कहा कि आज वे 'भारत माता के सपूत' (sons of Mother India) बनने का नाटक करते हैं।
चीन के साथ व्यापार पर BJP को घेरा, 'देश ठगने' का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के आईटी सेक्टर (IT Sector) में चीन निर्मित (China-made) कंप्यूटर और मोबाइल फोन के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां चीन के साथ भारत का व्यापार (India-China Trade) 100 बिलियन डॉलर के पार है, वहीं भाजपा देश को 'ठगने' (cheating the nation) का काम कर रही है। यह सब 'स्वदेशी' के नाम पर जनता को गुमराह करने का प्रयास है। कांग्रेस का यह आरोप इस ओर इशारा करता है कि भाजपा का 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) का नारा केवल एक जुमला है और उनके नेता भी वैश्विकरण (globalization) के इस दौर में विदेशी उत्पादों पर निर्भर हैं, जबकि जनता से विपरीत अपेक्षाएं रखते हैं।
'जय हिंद यात्रा' बनाम 'तिरंगा यात्रा': कांग्रेस का चुनावी दांव
माना जा रहा है कि कांग्रेस की यह 'जय हिंद यात्रा' भाजपा की 'हर घर तिरंगा' (Har Ghar Tiranga) अभियान और उनकी राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी रैलियों के जवाब में एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति (political strategy) का हिस्सा है। भाजपा द्वारा राष्ट्रीयता और देशभक्ति (nationalism and patriotism) के मुद्दों को प्रमुखता देने के प्रत्युत्तर में, कांग्रेस 'जय हिंद' के उद्घोष के माध्यम से अपने राष्ट्रीय एजेंडे को पुनः स्थापित करने का प्रयास कर रही है। इस यात्रा में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी, पार्टी की राष्ट्रीय मंशा को भी दर्शाती है, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करने के इरादे से जुड़ा है।