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October 30 2026 08:19 pm

भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

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India News Live,Digital Desk : कांग्रेस ने देशभर में महिलाओं और बच्चियों पर बढ़ते अपराधों को लेकर गहरी चिंता जताई है और भाजपा शासित सरकारों पर सीधे-सीधे निशाना साधा है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें बेटियों को सुरक्षा देने में बुरी तरह विफल रही हैं।

अलका लांबा ने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक नौ साल की दलित बच्ची से बलात्कार हुआ, लेकिन इलाज में देरी के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के कारण हुई, जिससे बच्ची को पटना के अस्पताल ले जाने में समय लग गया।

उन्होंने एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सिर्फ 2022 में ही बलात्कार के 18,000 मामलों में से केवल 5,000 में ही सजा हुई, बाकी मामलों में आरोपी बरी हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आयोग और सरकार द्वारा बनाए गए वन स्टॉप सेंटर्स असल में सिर्फ दिखावा हैं।

दिल्ली में नाबालिग महिला पहलवान से यौन उत्पीड़न के मामले में भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बचाने के प्रयासों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

वहीं उत्तराखंड की कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को उम्रकैद की सजा जरूर मिली, लेकिन जांच और सबूतों की नष्ट होने के चलते यह फैसला अधूरा रह गया। उन्होंने पूछा कि अंकिता की चैट में जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र था, उसका नाम आज तक क्यों नहीं सामने लाया गया?

गरिमा ने यह भी बताया कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में हिमालयी राज्यों में सबसे आगे है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “अब नारा होना चाहिए - भाजपाइयों से बेटी बचाओ।”