Cloudburst wreaks havoc in Kishtwar : बचाव और राहत कार्य जारी, कई लापता और घायल
India News Live,Digital Desk : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार दोपहर बादल फटने के कारण भारी तबाही मची। मलबे में दबे लोगों की तलाश अभी भी जारी है। अब तक मृतकों की संख्या 65 पहुँच गई है, जबकि करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें से 100 से ज़्यादा लोग जम्मू और किश्तवाड़ के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। परिजनों की जानकारी के अनुसार, लगभग 100 लोग अभी भी लापता हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मलबे में दबे 15 लोगों के शव एक ढाबे से बरामद किए गए हैं। मचैल यात्रा मार्ग पर सेना और अन्य बचाव दलों ने टूटे पुल की जगह अस्थायी लकड़ी का पुल बनाया और रस्सियों की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुल मिलाकर करीब पांच हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सुबह तक पूरे इलाके को खाली कराने की उम्मीद है।
भारी बारिश और पहाड़ी इलाके से आए मलबे ने चशोती गाँव में एक बाज़ार, तीर्थयात्री स्थल और सुरक्षा चौकी को तबाह कर दिया। इसके अलावा, 16 घर, सरकारी इमारतें, तीन मंदिर, चार पनचक्कियाँ और 30 मीटर लंबा पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। भारी भीड़ के कारण कई लोग हताहत हुए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मृतकों की संख्या 60 से अधिक है। घायलों को जम्मू के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब तक 30 शवों की पहचान कर परिवारों को सौंप दी गई है।
शुक्रवार सुबह हल्की बारिश के बावजूद राहत और बचाव कार्य फिर से शुरू किया गया। पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। सुबह करीब सात बजे बारिश थमने से बचाव कार्यों में तेजी आई।
अधिकारियों ने बताया कि जीवित बचे लोगों के मिलने की संभावना हर घंटे कम होती जा रही है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और हेलीकॉप्टर की उड़ानों में बाधा बचाव कार्य को प्रभावित कर रही है। जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक भामसेन मौके पर बचाव अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे।
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह भी घटनास्थल पर डटे हुए हैं। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके और एनडीआरएफ की टीम सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुँची।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फ़ोन पर बात की। मुख्यमंत्री उमर शनिवार सुबह घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों का निरीक्षण करेंगे।