Google Account : तुरंत बदल लें ये 5 जरूरी सेटिंग्स, सुरक्षित रहेगा Photos से लेकर Drive का निजी डेटा
आधुनिक डिजिटल युग में गूगल अकाउंट (Google Account) केवल ईमेल भेजने या प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह गया है। आज स्मार्टफोन का पूरा इकोसिस्टम इसी एक आईडी के इर्द-गिर्द घूमता है। परिवार की निजी यादों से भरा 'Google Photos', जरूरी दस्तावेजों और बैंक फाइलों वाला 'Google Drive', संपर्क नंबरों की डायरेक्टरी 'Contacts', यूट्यूब का हिस्ट्री डेटा और दर्जनों मोबाइल ऐप्स का लॉगिन सीधे इसी एक मुख्य अकाउंट से जुड़ा होता है। ऐसे में यदि आपके गूगल अकाउंट की प्राइवेसी और सुरक्षा सेटिंग्स में थोड़ी सी भी ढिलाई रह गई, तो साइबर फ्रॉड या डेटा लीक के जरिए आपकी पूरी डिजिटल पहचान खतरे में पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि गूगल सेटिंग्स में मौजूद कुछ बुनियादी सुरक्षा उपायों को समय पर सक्रिय करके आप अपने अकाउंट को पूरी तरह सुरक्षित बना सकते हैं।
2-स्टेप वेरिफिकेशन (2-Step Verification) को बनाएं पहली ढाल
गूगल अकाउंट की सुरक्षा का सबसे पहला और मजबूत आधार 2-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) है। आमतौर पर लोग केवल एक पासवर्ड डालकर अकाउंट छोड़ देते हैं, लेकिन डेटा ब्रीच या फिशिंग अटैक के दौर में सिर्फ पासवर्ड सुरक्षित नहीं है:
लॉगिन का दोहरा ताला: 2FA ऑन करने के बाद जब भी आप किसी नए फोन, लैपटॉप या ब्राउजर में लॉगिन करेंगे, तो सही पासवर्ड डालने के बाद भी एक अतिरिक्त सुरक्षा कोड या 'Google Prompt' आपके रजिस्टर्ड फोन पर भेजा जाएगा।
पासवर्ड लीक होने पर भी सुरक्षा: अगर किसी साइबर जालसाज को आपका सही पासवर्ड पता भी चल जाए, तो भी वह बिना आपके मोबाइल पर आए सिक्योरिटी प्रॉम्प्ट या ओटीपी के अकाउंट में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
समय-समय पर करें 'Security Checkup' का ऑडिट
गूगल अपने यूजर्स को एक इन-बिल्ट 'सिक्योरिटी चेकअप' (Google Security Checkup) टूल देता है, जिसे हर महीने कम से कम एक बार जरूर रन करना चाहिए। इस विकल्प में जाकर आप निम्नलिखित चीजों की सीधी जांच कर सकते हैं:
एक्टिव डिवाइसेज (Active Devices): यह जांचें कि आपका अकाउंट इस समय किन-किन फोन, टैबलेट या कंप्यूटरों पर एक्टिव है। यदि लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस या अनजान शहर/स्थान नजर आए जिसे आप नहीं पहचानते, तो बिना देर किए 'Sign Out' पर क्लिक करके उसे बाहर निकालें।
हालिया संदिग्ध गतिविधि: क्या किसी ने गलत पासवर्ड से लॉगिन का प्रयास किया है, इसकी रियल-टाइम जानकारी यहां मिल जाती है।
थर्ड-पार्टी ऐप्स की फालतू एक्सेस तुरंत हटाएं
इंटरनेट ब्राउजिंग करते समय लोग कई बार किसी गेमिंग ऐप, ई-कॉमर्स साइट या फोटो एडिटिंग टूल पर तुरंत अकाउंट बनाने के लिए 'Sign in with Google' पर क्लिक कर देते हैं। ऐसा करते ही वह ऐप आपके गूगल अकाउंट के बेसिक प्रोफाइल, ईमेल और कभी-कभी ड्राइव तक की परमिशन ले लेता है।
महीनों या सालों बाद जब आप उस ऐप का इस्तेमाल बंद भी कर देते हैं, तब भी उसके पास आपके अकाउंट का एक्सेस बैकग्राउंड में बना रहता है। अगर भविष्य में उस थर्ड-पार्टी ऐप की सुरक्षा में सेंध लगती है, तो आपका डेटा भी जोखिम में पड़ जाता है। इसलिए समय-समय पर गूगल अकाउंट के 'Data & Privacy' सेक्शन में जाकर उन सभी थर्ड-पार्टी ऐप्स और वेबसाइट्स का एक्सेस डिलीट (Remove Access) कर दें जिनका आप अब इस्तेमाल नहीं करते।
रिकवरी फोन नंबर और ईमेल हमेशा रखें अपडेट
कई बार यूजर्स गूगल अकाउंट बनाते समय जो मोबाइल नंबर या सेकेंडरी ईमेल डालते हैं, वह सिम बंद हो जाने या नौकरी/कॉलेज बदलने पर निष्क्रिय हो जाता है। जब कभी पासवर्ड भूलने, फोन खो जाने या अकाउंट लॉक होने की नौबत आती है, तो बिना चालू रिकवरी डिटेल के अकाउंट को दोबारा हासिल (Recover) करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
हमेशा चेक करें कि:
आपका Recovery Phone Number वही हो जो आपके पास वर्तमान में सक्रिय है।
Recovery Email ऐसा हो जिसे आप नियमित रूप से खोलते हों और उसका पासवर्ड आपको याद हो।
कमजोर और दोहराए गए पासवर्ड की आदत छोड़ें
यदि आपका पासवर्ड सालों पुराना है, आपका नाम, जन्मतिथि या गाड़ी का नंबर है, तो यह हैकर्स के लिए सबसे आसान शिकार है। इसके अलावा, एक ही पासवर्ड को बैंक, सोशल मीडिया और गूगल तीनों जगह इस्तेमाल करने की गलती कभी न करें। किसी एक साइट के हैक होते ही हैकर्स 'क्रेडेंशियल स्टफिंग' के जरिए आपका गूगल अकाउंट भी खोल सकते हैं। पासवर्ड में हमेशा अपरकेस, लोअरकेस, नंबर्स और स्पेशल कैरेक्टर्स का मिश्रण रखें।