Chandra Grahan 2026: फाल्गुन पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण, संकट काटने के लिए जपें हनुमान जी के ये अचूक मंत्र
India News Live,Digital Desk : साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कल यानी 3 मार्च, मंगलवार को लगने जा रहा है। विशेष बात यह है कि इसी दिन फाल्गुन पूर्णिमा भी है, जिसे लक्ष्मी-नारायण की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। चूंकि यह ग्रहण मंगलवार के दिन पड़ रहा है और भारत में दृश्यमान (दिखाई देगा) है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और सूतक काल दोनों ही प्रभावी होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे बचने के लिए हनुमान जी की आराधना 'रामबाण' मानी जाती है।
भारत में दिखेगा ग्रहण: जानें सूतक और ग्रहण का सटीक समय
इस बार का चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य होगा। सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है।
सूतक काल प्रारंभ: सुबह 09 बजकर 39 मिनट से
चंद्र ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर
पूर्ण चंद्र ग्रहण: शाम 05 बजकर 04 मिनट पर
सूतक व ग्रहण समापन: शाम 06 बजकर 46 मिनट पर
मंगलवार का संयोग: संकटमोचन हरेंगे सारे कष्ट
मंगलवार का दिन पवनसुत हनुमान जी को समर्पित है। ग्रहण काल के दौरान जब चंद्रमा पीड़ित होता है, तब हनुमान जी के सिद्ध मंत्रों का जप करने से मानसिक शांति मिलती है और राहु-केतु जैसे मायावी ग्रहों का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता है। विशेषकर फाल्गुन पूर्णिमा पर हनुमान जी की पूजा करने से सकल मनोरथ सिद्ध होते हैं।
ग्रहण काल में जपें ये शक्तिशाली मंत्र (Chandra Grahan 2026 Mantras)
ग्रहण के दौरान मौन रहकर या मानसिक रूप से इन मंत्रों का जप करना अत्यंत फलदायी होता है:
1. हनुमान गायत्री व रक्षा मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः।
ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
2. संकट निवारण हेतु:
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम् दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।
3. राम नाम तारक मंत्र (सबसे सरल और प्रभावी):
‘श्री राम जय राम जय जय राम’
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
क्या करें: सूतक लगने से पहले खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी दल डाल दें। ग्रहण के समय केवल मंत्रों का मानसिक जप करें। समापन के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और स्नान के बाद दान-पुण्य करें।
क्या न करें: ग्रहण काल में भोजन पकाना या खाना वर्जित है। इस दौरान नुकीली वस्तुओं जैसे कैंची या सुई का प्रयोग न करें। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।