गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत: केंद्र सरकार लाई सोशल सिक्योरिटी रूल्स, बीमा और रजिस्ट्रेशन का रास्ता साफ
India News Live,Digital Desk : क्रिसमस और नए साल के दौरान सैलरी, काम की बेहतर परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे गिग वर्कर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मंत्रालय ने सोशल सिक्योरिटी कोड (सेंट्रल) रूल्स, 2025 के तहत ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इन नियमों में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन, बीमा और सोशल सिक्योरिटी लाभों का प्रावधान किया गया है। सरकार का मकसद गिग इकॉनमी में काम कर रहे लाखों लोगों को एक औपचारिक पहचान और सुरक्षा देना है।
ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जैसे लाभ तभी मिलेंगे, जब वे तय न्यूनतम अवधि तक किसी एग्रीगेटर के साथ काम करेंगे। साथ ही, सरकार एक सेंट्रल पोर्टल के जरिए सभी योग्य वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन करेगी और उन्हें यूनिक पहचान दी जाएगी।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि गिग वर्कर्स की कमाई चाहे कितनी भी कम हो, जिस दिन से वे किसी प्लेटफॉर्म के जरिए आय अर्जित करना शुरू करेंगे, उसी दिन से उनकी पात्रता गिनी जाएगी। एक ही दिन में कई एग्रीगेटर्स के लिए काम करने वालों को अलग-अलग दिन के रूप में गिना जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा वर्कर्स को लाभ मिल सके।
इसके अलावा, हर रजिस्टर्ड गिग वर्कर को एक डिजिटल या फिजिकल पहचान पत्र दिया जाएगा। केंद्र सरकार एक विशेष एजेंसी के माध्यम से एग्रीगेटर्स से योगदान एकत्र करेगी, जिसे सोशल सिक्योरिटी फंड में जमा किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन नियमों से गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को न सिर्फ सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनके काम को भी औपचारिक मान्यता मिलेगी। फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट चरण में हैं और अंतिम अधिसूचना से पहले सुझाव भी लिए जा सकते हैं।
गिग वर्कर्स के लिए ड्राफ्ट नियमों की 10 अहम बातें
सोशल सिक्योरिटी लाभ के लिए एक एग्रीगेटर के साथ कम से कम 90 दिन काम करना जरूरी
एक से ज्यादा एग्रीगेटर होने पर पिछले वित्त वर्ष में कुल 120 दिन का काम अनिवार्य
कमाई शुरू करने का दिन ही पात्रता की शुरुआत माना जाएगा
एक दिन में कई एग्रीगेटर के लिए काम करने पर हर एग्रीगेटर अलग गिना जाएगा
16 वर्ष से अधिक उम्र के वर्कर्स को आधार से रजिस्ट्रेशन कराना होगा
एग्रीगेटर्स को वर्कर्स का डेटा सेंट्रल पोर्टल पर साझा करना होगा
हर रजिस्टर्ड वर्कर को यूनिक ID और पहचान पत्र मिलेगा
केंद्र सरकार एक एजेंसी के जरिए सोशल सिक्योरिटी फंड का संचालन करेगी
60 वर्ष की उम्र के बाद या तय न्यूनतम दिनों से कम काम करने पर लाभ नहीं मिलेगा
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में गिग वर्कर्स के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे