करुर भगदड़ मामले में विजय को सीबीआई ने तलब किया, रैली में 41 लोगों की मौत की जांच तेज
India News Live,Digital Desk : अभिनेता से नेता बने विजय को करुर भगदड़ मामले में बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने टीवीके प्रमुख विजय को 12 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह मामला पिछले साल 27 सितंबर को करुर जिले के वेलुसामीपुरम में हुई उस रैली से जुड़ा है, जिसमें भीड़ नियंत्रण न होने के कारण 41 लोग मृत और कई घायल हुए थे।
भगदड़ कैसे हुई?
टीवीके की रैली में भारी भीड़ जमा हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, रैली स्थल की क्षमता लगभग 10 हजार लोगों की थी, लेकिन वहाँ करीब 30 हजार लोग एकत्र हो गए। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ और खाने-पीने व पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से हालात और बिगड़ गए।
रैली में विजय दोपहर 12 बजे आने वाले थे, लेकिन वे शाम 7 बजे पहुंचे। इस देरी के कारण लोग और अधिक इकट्ठा हो गए। जब विजय का काफिला आया, तो भीड़ में उत्साह की लहर दौड़ गई और कई लोग पेड़ों, छतों और बिजली के खंभों पर चढ़ गए। सुरक्षा कारणों से बिजली की लाइनों को काटना पड़ा, जिससे भगदड़ और भयानक हो गई।
मृतकों और घायलों के लिए मुआवजा
भगदड़ के अगले दिन ही विजय ने मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने हर मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये और घायल लोगों को 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने अपनी राज्यव्यापी यात्रा भी स्थगित कर दी।
इस घटना में टीवीके करुर पश्चिम जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उन पर व्यवस्था में चूक का आरोप था। हालांकि बाद में कोर्ट ने उनकी हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें रिहा कर दिया।
अब जांच का फोकस विजय पर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामला सीबीआई को सौंपा गया। इससे पहले पार्टी के कई बड़े नेताओं से पूछताछ हो चुकी है। अब विजय खुद जांच के दायरे में आ गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, उनसे रैली की प्लानिंग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों के बारे में सवाल किए जाएंगे। विजय ने पहले ही कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले टीवीके के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।