मैनचेस्टर में यहूदी प्रार्थनाघर पर कार और चाकू हमला, दो की मौत, तीन घायल
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-04 15:40:00
India News Live,Digital Desk : मैनचेस्टर में गुरुवार को एक यहूदी प्रार्थनाघर के बाहर भयंकर हमला हुआ। हमलावर ने कार और चाकू का इस्तेमाल किया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध हमलावर को गोली मारकर ढेर कर दिया।
हमला उस इलाके में हुआ जहां दशकों से यहूदी और मुस्लिम समुदाय साथ रहते आ रहे हैं। लेकिन यॉम किप्पुर जैसे पवित्र दिन इस तरह का हमला इस इलाके की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। 35 वर्षीय जिहाद अल-शामी ने यह हमला अंजाम दिया। मृतकों में 53 वर्षीय एड्रियन डॉल्बी और 66 वर्षीय मेल्विन क्रैविट्ज शामिल हैं।
मैनचेस्टर में बढ़ता आतंकवाद
मैनचेस्टर को लगातार आतंकवादी घटनाओं का केंद्र माना जाता रहा है। 2003 में क्रम्पसल हमले से लेकर 2017 के अरीना ब्लास्ट तक, यहां आतंकी गतिविधियां लगातार बढ़ती रही हैं। उपनगरों में फैलते कट्टरपंथी विचार, मोहल्लों में सक्रिय कट्टर नेटवर्क और सोशल मीडिया पर युवाओं को उकसाने वाला जहर इस शहर को आतंक का हब बना रहा है।
आसपास के इलाके भी खतरे में
मैनचेस्टर के आसपास के कई इलाके जैसे लेवेनशुल्म, रशोल्म और क्रम्पसल पिछले दो दशकों में आतंक का हॉटस्पॉट बन गए हैं। इन इलाकों में कई युवाओं की जिंदगी कट्टरपंथ ने प्रभावित की है। 2003 में पुलिस अधिकारी की हत्या, 2011 में अल-कायदा भर्ती गिरोह और 2017 में एरियाना ग्रांडे कॉन्सर्ट ब्लास्ट ने ये साफ किया कि मैनचेस्टर में कट्टरपंथ की जड़ें गहरी हो चुकी हैं।
हमलावर की जानकारी
हमले का आरोपी जिहाद अल-शामी, सीरियाई मूल का है और अपने परिवार के साथ मैनचेस्टर आया था। उसका बचपन उसी सिनेगॉग के पास बीता जहां उसने हमला किया। शुरुआती जीवन सामान्य था, लेकिन किशोरावस्था में वह कट्टरपंथ की गिरफ्त में आ गया। स्कूल छोड़ने के बाद इस साल उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला भी दर्ज हुआ था। वह जमानत पर जेल से बाहर था और इसी दौरान यह हमला किया।
गाजा युद्ध के बाद बढ़ी हिंसा
गाजा युद्ध के बाद मैनचेस्टर में यहूदियों के खिलाफ हमले 190% तक बढ़ गए हैं। कम्युनिटी सिक्योरिटी रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2023 से अगस्त 2024 के बीच यहूदियों पर घृणा अपराध में जबरदस्त वृद्धि हुई। 2024 के शुरुआती छह महीनों में ब्रिटेन में रिकॉर्ड 1,500 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।