सावन में घर ला रहे हैं शिवलिंग? जानें वास्तु के ये 5 अचूक नियम, वरना रुक सकती है घर की समृद्धि
सावन का पावन महीना शुरू होते ही श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन हो जाते हैं। इस दौरान कई लोग अपने घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित करते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में शिवलिंग रखने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन न करने पर घर की सुख-शांति पर असर पड़ सकता है।
शिवलिंग स्थापना की सही दिशा और पूजा का नियम
वास्तु के अनुसार, शिवलिंग को हमेशा घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में ही स्थापित करना चाहिए। ध्यान रहे कि पूजा करते समय आपका मुख हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही रहे। इसके अलावा, शिवलिंग की जलाधारी का मुख भी उत्तर दिशा में ही होना बेहद शुभ माना जाता है।
घर के लिए शिवलिंग का आकार और धातु
घर में बड़ा शिवलिंग रखने से बचना चाहिए। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर के लिए अंगूठे के बराबर आकार (लगभग 4 से 6 इंच) का शिवलिंग सबसे उत्तम होता है। आप नर्मदा नदी के पत्थर (नर्मदेश्वर) या फिर सोने, चांदी और तांबे की धातु से बना शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं।
भूलकर भी न करें यह गलती
अक्सर लोग श्रद्धा भाव में एक से अधिक शिवलिंग रख लेते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में केवल एक ही शिवलिंग रखना चाहिए।