ईरान के कड़े तेवर: "शहीदों के लिए चाहिए ब्लड मनी", इस्लामाबाद वार्ता से पहले खामेनेई ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी
India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता से कुछ ही घंटे पहले ईरान ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि आक्रमण करने वालों को बिना सजा दिए नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान ने न केवल युद्ध में अपनी जीत का ऐलान किया है, बल्कि अमेरिका से 'ब्लड मनी' और भारी मुआवजे की मांग भी रख दी है।
"असली विजेता ईरान की जनता": सुप्रीम लीडर का संदेश
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज के हालातों में ईरान इस युद्ध का असली विजेता बनकर उभरा है। उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें और शर्तें रखी हैं:
ब्लड मनी और हर्जाना: ईरान ने युद्ध में शहीद हुए अपने नागरिकों और सैनिकों के लिए 'ब्लड मनी' (खून का हर्जाना) की मांग की है। साथ ही, जंग में अपाहिज हुए सैनिकों के लिए भारी मुआवजे का दावा ठोका है।
होर्मुज पर नया नियंत्रण: खामेनेई ने घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को अब एक नए और उच्च स्तर पर ले जाया जाएगा, जो अमेरिका के लिए रणनीतिक चिंता का विषय हो सकता है।
सीजफायर केवल अस्थायी: उन्होंने साफ किया कि दो सप्ताह के युद्धविराम का मतलब यह कतई नहीं है कि युद्ध खत्म हो गया है। अपराधियों को सजा मिलना अभी बाकी है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान की 'लेबनान शर्त'
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने वार्ता की मेज पर बैठने से पहले एक और बड़ी शर्त जोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति तभी संभव है जब लेबनान पर इजरायली हमले तुरंत रुकें। ईरान ने अपनी '10-सूत्रीय योजना' के तहत स्पष्ट किया है कि लेबनान में उनके भाइयों और बहनों पर हो रहे हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी: "यह वो समझौता नहीं है"
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के इस अड़ियल रुख और होर्मुज में तेल टैंकरों की सुस्त आवाजाही से खासे नाराज हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी आशंका जताते हुए कहा:
"ईरान समझौते का पालन करने में बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है। तेल को होर्मुज से गुजरने देने के मामले में उनका काम शर्मनाक है। हमारे बीच ऐसा (एकतरफा) कोई समझौता नहीं हुआ था।"
इस्लामाबाद में 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा
शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। एक तरफ ईरान की 'ब्लड मनी' और लेबनान वाली शर्तें हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन का सख्त मिजाज। पाकिस्तान ने सुरक्षा के लिए पूरे शहर को सील कर दिया है, लेकिन शीर्ष ईरानी नेतृत्व की धमकियों ने इस वार्ता की सफलता पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।