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May 06 2026 04:29 pm

बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार क्या महिला मुख्यमंत्री पर दांव खेलेगी पार्टी? 9 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी

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India News Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक नया इतिहास रच दिया है। 15 साल पुराने ममता बनर्जी के किले को ढहाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या भाजपा किसी महिला चेहरे को कमान सौंपकर 'ममता कार्ड' का जवाब देगी, या फिर कमान किसी अनुभवी पुरुष नेता के हाथ में होगी?

9 मई को शपथ ग्रहण, रविंद्र जयंती पर नया आगाज

सूत्रों के अनुसार, भाजपा बंगाल में अपनी पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित करने की योजना बना रही है। यह दिन पश्चिम बंगाल के लिए बेहद खास है क्योंकि इस दिन विश्व कवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (रवींद्र जयंती) मनाई जाती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं।

क्या कोई महिला बनेगी मुख्यमंत्री? इन नामों की चर्चा तेज

बंगाल की राजनीति में 'महिला शक्ति' का हमेशा से बड़ा प्रभाव रहा है। ऐसे में चर्चा है कि भाजपा किसी महिला नेता को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका सकती है। रेस में कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

अग्निमित्रा पॉल: आसनसोल दक्षिण से शानदार जीत दर्ज करने वाली अग्निमित्रा पॉल पार्टी का एक जुझारू चेहरा हैं।

रेखा पात्रा: संदेशखाली की घटना के बाद चर्चा में आईं और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाली रेखा पात्रा का नाम भी सामाजिक समीकरणों के लिहाज से लिया जा रहा है।

लॉकेट चटर्जी: पार्टी की वरिष्ठ नेता और अपनी मुखर छवि के लिए जानी जाने वाली लॉकेट चटर्जी भी एक मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।

शुभेंदु अधिकारी का पलड़ा सबसे भारी

महिला चेहरों की चर्चा के बीच, मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी का नाम चल रहा है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी को सीधे मुकाबले में हराने के बाद शुभेंदु का कद पार्टी में काफी बढ़ गया है। उन्होंने न केवल अपनी सीट जीती, बल्कि पूरे राज्य में पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व भी किया। अधिकतर नवनिर्वाचित विधायक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

अमित शाह होंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक

बीसीसीआई और पार्टी आलाकमान ने नेतृत्व चुनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जो जल्द ही कोलकाता पहुंचकर नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में ही आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे चेहरे को चुनना चाहता है जो अगले पांच सालों तक राज्य को नई दिशा दे सके।