बिहार: सहरसा मेयर की मुश्किलें बढ़ी हर महीने 50 लाख के गबन का आरोप, होगी FIR
India News Live, Digital Desk:बिहार के सहरसा नगर निगम में एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसमें मेयर, उनकी निजी सचिव और उनकी पत्नी पर हर महीने लगभग 50 लाख रुपये गबन (सरकारी मदों का दुरुपयोग) करने का गंभीर आरोप है। सरकारी आदेश के बाद FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि इस वित्तीय कुकर्म की विस्तृत जांच की जा सके। आरोप है कि स्ट्रीट लाइटिंग, डेकोरेटिव लाइट रख‑रखाव और मेंटेनेंस के नाम पर उक्त राशि का गलत इस्तेमाल हुआ, जिससे निगम के खाते में भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।
कहां और कैसे हुआ गबन?
जानकारी के अनुसार, सहरसा नगर निगम के तहत खर्च और रख‑रखाव के कामों में बजटीय धन का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया। अधिकारियों को संदेह है कि यह पैटर्न पहले से चल रहा था और इसकी वजह से निगम संसाधनों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस को जांच निर्देश जारी किए हैं।
क्या कहते हैं विरोधी और लोग?
स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। विरोधी दलों का कहना है कि “भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होना चाहिए ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके।” ऐसे मामलों से स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
घोटाले की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस मामले की विस्तृत मौके पर जांच कर रही है और दस्तावेजों की छानबीन कर रही है। FIR दर्ज होने के बाद कई अधिकारियों से पूछताछ भी होने की संभावना है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होगी, ताकि भविष्य में इस तरह के वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।