Bihar Assembly Elections 2025 : AAP ने घोषित की पहली उम्मीदवारों की सूची, नए चेहरे करेंगे जोरदार एंट्री

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India News Live,Digital Desk : चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आधिकारिक तारीखों की घोषणा से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ा राजनीतिक ऐलान कर दिया है। AAP ने औपचारिक रूप से चुनाव में उतरते हुए 11 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची की घोषणा कर दी है। इस सूची में पार्टी ने युवा और नए चेहरों को मौका दिया है, जो बिहार की 243 सीटों पर होने वाले चुनाव में पार्टी की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। मीरा सिंह (बेगूसराय) और डॉ. पंकज कुमार (बांकीपुर) समेत 11 उम्मीदवार आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। जहां राजनीतिक दलों में तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं AAP की यह सूची राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है और चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में हो सकते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: आप उम्मीदवारों की पहली पसंद

बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही आम आदमी पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करके चुनावी मैदान में उतरने वाली पहली पार्टियों में से एक बन गई है। आप की इस पहली सूची में कुल 11 उम्मीदवार शामिल हैं, जो राज्य की विभिन्न विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। आप जल्द ही और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है।

पहली सूची में शामिल मुख्य उम्मीदवार और सीटें:

रैंकउम्मीदवार का नामविधानसभा सीट
1मीरा सिंहबेगूसराय
2योगी चौपालकुशेश्वर
3अमित कुमार सिंहट्रेनी
4भानु भारतीयकस्बा
5शुभदा यादवबेनीपट्टी
6अरुण कुमार रजकफुलवारी
7डॉ. पंकज कुमारबांकीपुर
8अशरफ आलमकिशनगंज
9अखिलेश नारायण ठाकुरपरिहार
10अशोक कुमार सिंहगोविंदगंज
11धर्मराज सिंहबक्सर

संभावित चुनाव तिथियां और राजनीतिक तैयारी

बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर, 2025 को समाप्त होने वाला है, जिसके कारण भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा इस तिथि से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कर लेने की उम्मीद है। संभावना है कि राज्य में चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में दो या तीन चरणों में होंगे। हालाँकि, चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर तारीखों की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि दिवाली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को ध्यान में रखते हुए तारीखों का फैसला किया जाएगा। आप की इस जल्द घोषणा से अन्य राजनीतिक दलों पर भी अपने उम्मीदवारों और रणनीति को जल्दी अंतिम रूप देने का दबाव बढ़ेगा।