अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को बड़ी राहत: 'ऑपरेशन सिंदूर' मामले में हरियाणा सरकार ने पीछे खींचे कदम, सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी..
India News Live,Digital Desk : हरियाणा सरकार ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ चल रहे एक चर्चित कानूनी मामले में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) को सूचित किया है कि प्रोफेसर के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज किए गए मुकदमे को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम के बाद लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था 'ऑपरेशन सिंदूर' विवाद
यह पूरा मामला प्रोफेसर अली खान महमूदबाद द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट से जुड़ा था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदर्भ में किए गए उनके दावों और टिप्पणियों को लेकर हरियाणा पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि उनकी पोस्ट से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि, प्रोफेसर ने शुरू से ही इन आरोपों को निराधार बताया था और अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए इसे चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार का हलफनामा
मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के प्रतिनिधियों ने देश की सबसे बड़ी अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि प्रशासन ने मामले के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद प्रोफेसर महमूदबाद के खिलाफ एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार द्वारा इस मामले को बंद करने की सहमति देने के बाद, अदालत ने भी इस पर संतोष व्यक्त किया है।
अभिव्यक्ति की आजादी और कानूनी प्रक्रिया की जीत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार का यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर अली खान महमूदबाद, जो अपनी शैक्षणिक और बौद्धिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं, उनके लिए यह एक बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक धाराओं को हटा लिया जाएगा और उन्हें इस प्रकरण से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।