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October 24 2026 03:48 pm

चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, 1 सितंबर से लागू होंगे नए मानक

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India News Live,Digital Desk : सोने के आभूषणों की शुद्धता की जाँच के लिए उस पर हॉलमार्क लगाया जाता है। सोने की शुद्धता का प्रतिशत आभूषणों पर लिखे अंकों के आधार पर तय होता है। लेकिन चांदी के लिए कोई हॉलमार्क नहीं है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब सरकार सोने की तरह चांदी के लिए भी हॉलमार्किंग शुरू कर रही है। यह 1 सितंबर 2025 से शुरू होगा। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या 1 सितंबर से चांदी की कीमत भी बढ़ जाएगी?

चांदी हॉलमार्किंग नियम का प्रभाव

शुरुआत में, उपभोक्ताओं के लिए यह चुनना अनिवार्य नहीं होगा कि वे हॉलमार्क वाली चांदी खरीदना चाहते हैं या बिना हॉलमार्क वाली। यानी यह नियम स्वैच्छिक होगा। हालाँकि, जिस तरह अब हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण अनिवार्य कर दिए गए हैं, उसी तरह खरीदार भी हॉलमार्क वाली चांदी खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं।

ये होंगे चांदी के 6 नए हॉलमार्क

भारतीय मानक ब्यूरो ने चांदी की शुद्धता जांचने के लिए 6 मानक मानक तैयार किए हैं, जो यह बताते हैं कि चांदी कितनी शुद्ध है।

800 नंबर

यदि किसी चांदी पर 800 अंक अंकित है, तो उसे 80 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है। इसमें 20 प्रतिशत अन्य तत्व, जैसे तांबा, मौजूद होते हैं।

संख्या 835

इस संख्या का अर्थ है कि चांदी की शुद्धता 83.5 प्रतिशत है।

900 नंबर

अगर किसी आभूषण पर 900 अंक लिखा हो, तो यह माना जाता है कि उसमें इस्तेमाल की गई चाँदी 90 प्रतिशत शुद्ध है। यह उच्च शुद्धता का संकेत है। इस प्रकार की चाँदी का इस्तेमाल कुछ आभूषणों और चाँदी के सिक्कों में किया जाता है।

संख्या 925

इस संख्या का मतलब है कि चाँदी 92.5 प्रतिशत शुद्ध है। सरकारी चाँदी को स्टर्लिंग सिल्वर भी कहते हैं जो गहनों के लिए सबसे अच्छी होती है।

संख्या 970

इस प्रकार की चाँदी का अर्थ है कि यह 97 प्रतिशत शुद्ध होती है। इसका उपयोग विशेष आभूषण और बर्तन बनाने में किया जाता है।

संख्या 990

यह चाँदी का सबसे शुद्ध रूप है। इस संख्या का अर्थ है कि चाँदी 99 प्रतिशत शुद्ध है। इसे शुद्ध चाँदी भी कहते हैं। ऐसी चाँदी का उपयोग छड़ों या सिक्कों के रूप में किया जाता है। यह बहुत मुलायम होती है, इसलिए इसका उपयोग आभूषणों में बहुत कम होता है।

क्या चांदी की कीमतें प्रभावित होंगी?

हॉलमार्क वाले गहने खरीदने से चांदी की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे उपभोक्ताओं का विश्वास ज़रूर बढ़ेगा। उपभोक्ताओं को भरोसा होगा कि उन्हें अपनी कीमत के मुताबिक गहने मिल रहे हैं। इससे उनकी खरीदारी भी सुरक्षित रहेगी।