नए घर में प्रवेश से पहले जानें ये नाक्षत्र और समय क्यों रखे जाते हैं खास
India News Live,Digital Desk : जब कोई नया घर बन जाता है या खरीद लिया जाता है, तो गृह प्रवेश का संस्कार परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू परंपरा में यह न केवल घर का सौभाग्य बढ़ाने का तरीका है, बल्कि यह परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए भी आवश्यक माना जाता है। इसी कारण ज्योतिष में गृह प्रवेश से पहले सही मुहूर्त (समय), नक्षत्र और दिशा पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में कुछ नक्षत्र ऐसे बताए जाते हैं जिनमें गृह प्रवेश करना शुभ नहीं माना जाता। इन नक्षत्रों के समय घर में प्रवेश करने से घर के वातावरण में नकारात्मक प्रभाव, तनाव या आर्थिक समस्या जैसी बाधाएँ आ सकती हैं। इसलिए इन नक्षत्रों में नए घर में कदम रखने से बचना चाहिए: मूल, आश्लेषा, ज्येष्ठा, आर्द्रा और विशाखा। इसके अलावा भरणी और कृत्तिका नक्षत्रों में भी गृह प्रवेश को अनुकूल नहीं माना जाता।
इसके अलावा, कुछ विशेष दिन और समय भी गृह प्रवेश के लिए अशुभ माने जाते हैं। जैसे कि मंगलवार और शनिवार को घर में प्रवेश करने से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि इन दिनों के प्रभाव से बाधाएँ या विलंब की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी तरह, पंचांग के अनुसार यदि राहुकाल या अशुभ समय के दौरान प्रवेश किया जाए, तो वह शुभ कार्यों में बाधा ला सकता है।
जो लोग गृह प्रवेश का आयोजन कर रहे हैं, उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चंद्रमा की स्थिति भी बहुत मायने रखती है। यदि चंद्रमा किसी अशुभ योग में हो या कुंडली के अष्टम या द्वादश भाव में चले जाए, तो उस समय का गृह प्रवेश मन की अशांति या खर्च में वृद्धि जैसा संकेत दे सकता है।
एक नए घर में प्रवेश से पहले शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और वार-समय का मिलान करना हमेशा लाभदायक माना गया है ताकि घर में प्रवेश के बाद सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।