जम्मू-कश्मीर में नार्को-टेरर पर प्रहार,अनंतनाग में घर के सीमेंटेड रास्ते के नीचे मिला ड्रग्स का 'पाताल लोक'
India News Live, Digital Desk: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में नशे के सौदागरों के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। अनंतनाग पुलिस ने बिजबेहारा के तुलखान इलाके में 'नार्को कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन' (CASO) के दौरान एक हाई-टेक अंडरग्राउंड ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। यह नार्को अड्डा एक कुख्यात ड्रग तस्कर रईस अहमद डार के घर के अंदर बेहद शातिराना तरीके से बनाया गया था।
घर के फर्श के नीचे छिपा था मौत का सामान पुलिस टीम जब रईस अहमद डार के घर की तलाशी लेने पहुंची, तो पहली नजर में वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, पुलिस के प्रशिक्षित K9 नार्को डॉग ने घर के परिसर में बने एक सीमेंटेड रास्ते के पास संदिग्ध गतिविधि दिखाई। जब पुलिस ने वहां खुदाई शुरू की, तो फर्श के नीचे एक पक्का अंडरग्राउंड ठिकाना देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। जांच में सामने आया है कि इस गुप्त जगह का इस्तेमाल भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
48 घंटे में दूसरा अंडरग्राउंड ठिकाना तबाह बिजबेहारा इलाके में पिछले 48 घंटों के भीतर पकड़ा गया यह दूसरा भूमिगत नार्को अड्डा है। इससे पहले पुलिस ने शितिपुरा निवासी अब्दुल राशिद भट के घर पर भी कोर्ट से वारंट लेकर छापेमारी की थी। वहां भी पुलिस ने एक गुप्त ठिकाने से करीब 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद किया था। इन दोनों ही ऑपरेशनों में K9 डॉग स्क्वॉड की भूमिका निर्णायक रही है।
करोड़ों की संपत्ति जब्त, अब अपराधियों की खैर नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी रईस अहमद डार पहले से ही NDPS एक्ट के तहत कई मामलों में नामजद है। पुलिस ने 15 अप्रैल 2026 को ही उसकी करीब 1.06 करोड़ रुपये की आवासीय संपत्ति को जब्त कर लिया था। रईस के पास से पहले भी कोडीन फॉस्फेट की 2600 बोतलें बरामद हो चुकी हैं।
21 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: 518 तस्कर जेल में, 24 घर ध्वस्त नशे के खिलाफ जारी 100 दिनों के विशेष अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आंकड़ों की झड़ी लगा दी है। 11 अप्रैल से 2 मई के बीच पुलिस ने रिकॉर्ड कार्रवाई की है:
FIR दर्ज: मात्र 21 दिनों में 481 मामले दर्ज किए गए।
गिरफ्तारी: 518 बड़े ड्रग तस्करों और स्मगलरों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
सख्त कार्रवाई: नशे की कमाई से बनाए गए 24 घरों को जमींदोज कर दिया गया।
लाइसेंस रद्द: पुलिस ने 300 से अधिक ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है।
नार्को-टेरर की कमर तोड़ने की तैयारी अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों का यह कारोबार न केवल युवाओं को बर्बाद कर रहा है, बल्कि इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को वित्तपोषित करने (नार्को-टेरर फाइनेंशियल नेटवर्क) के लिए किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त कर आतंकवाद की जड़ों पर हमला करना है।