Annapurna Jayanti 2025 : जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और अन्न दान का महत्व
- by Priyanka Tiwari
- 2025-11-29 19:30:00
India News Live,Digital Desk : माता अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है। वह देवी पार्वती का स्वरूप हैं, जिन्होंने पृथ्वी पर अन्न संकट को दूर करने के लिए यह अवतार लिया। हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है।
इस साल (2025) अन्नपूर्णा जयंती गुरुवार, 04 दिसंबर को मनाई जाएगी।
अन्नपूर्णा जयंती 2025: शुभ मुहूर्त
आरंभ: 04 दिसंबर, सुबह 4:37
समापन: 05 दिसंबर, सुबह 4:43
पूरे दिन को ध्यानपूर्वक अन्न और समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना में व्यतीत करें।
पूजा विधि (Puja Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर शुद्ध स्नान करें।
पूजा स्थल और रसोईघर को अच्छी तरह साफ करें।
गंगाजल का छिड़काव कर स्थान को पवित्र करें।
रसोई या पूजा स्थल में लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा स्थापित करें।
चूल्हा, सिलबट्टा और घर में रखे अन्न का पूजन करें।
हल्दी, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
अन्न का अपमान बिल्कुल न करें और गरीब या जरूरतमंदों को अन्न दान दें। यह सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना जाता है।
भोग (Bhog)
माता अन्नपूर्णा को खीर और पुआ विशेष प्रिय हैं। इस दिन शुद्ध भोजन और मिठाई भोग के रूप में अर्पित करना शुभ माना जाता है।
पूजन मंत्र (Puja Mantra)
ॐ ह्रीं श्रीं अन्नपूर्णायै नमः
ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै।। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।।
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे।
ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति॥