अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया’ पाक संसद में रक्षा मंत्री का चौंकाने वाला कबूलनामा

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India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान की संसद में उस समय सियासी भूचाल आ गया, जब देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका को लेकर बेहद तीखा और खुला बयान दे दिया। उन्होंने सदन में स्वीकार किया कि पाकिस्तान को दशकों तक अमेरिका ने अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया और जब जरूरत खत्म हुई तो उसे किनारे कर दिया। रक्षा मंत्री का यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान की विदेश नीति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों की हकीकत भी उजागर करता है।

अफगान जंग और जिहाद का जिक्र
संसद में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि शीत युद्ध के दौर से लेकर अफगानिस्तान युद्ध तक पाकिस्तान ने अमेरिका के इशारे पर कई फैसले लिए। उन्होंने माना कि अफगान जिहाद के समय पाकिस्तान को आगे कर अमेरिका ने अपने रणनीतिक लक्ष्य पूरे किए। उस दौर में पाकिस्तान को मोहरा बनाकर क्षेत्र में अपने प्रभाव का विस्तार किया गया।

‘जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल, काम खत्म तो दूरी’
रक्षा मंत्री ने दो टूक कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, जब भी अमेरिका को किसी युद्ध या रणनीतिक अभियान में सहयोग चाहिए था, पाकिस्तान को फ्रंटलाइन पर खड़ा कर दिया गया। लेकिन जैसे ही अमेरिका के उद्देश्य पूरे हुए, पाकिस्तान को अकेला छोड़ दिया गया और उस पर ही आरोपों की बौछार कर दी गई।

आतंकवाद के खिलाफ जंग पर भी सवाल
ख्वाजा आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि आतंकवाद के खिलाफ तथाकथित वैश्विक जंग में पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी। देश को आर्थिक नुकसान, आतंरिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी झेलनी पड़ी, जबकि असली लाभ अमेरिका ने उठाया। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज किया गया।

पाक राजनीति में बयान के मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा मंत्री का यह बयान पाकिस्तान की बदली हुई सियासी और कूटनीतिक सोच का संकेत है। अमेरिका से रिश्तों को लेकर अब पाकिस्तान के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं। संसद में इस तरह का खुला कबूलनामा आने वाले समय में पाकिस्तान की विदेश नीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है।