जापान के जनसंख्या संकट पर एलन मस्क का दावा 2026 तक 10 लाख मौतें, एआई को बताया अंतिम सहारा
India News Live,Digital Desk : टेस्ला के सीईओ एलन मस्क एक बार फिर अपने विवादित बयान से चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने जापान के जनसांख्यिकीय संकट को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। मस्क ने कहा कि जापान में जन्म दर और मृत्यु दर में भारी अंतर के कारण 2026 से पहले 10 लाख लोगों की मौत हो सकती है। उन्होंने इस स्थिति का एकमात्र समाधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बताया है और कहा है कि एआई अब वहां के लोगों का एकमात्र सहारा हो सकता है। उनके इस बयान ने जापान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जापान की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जापान में जन्म दर बहुत कम और मृत्यु दर बहुत ज़्यादा है, जिससे जनसंख्या में भारी गिरावट आ सकती है। मस्क के अनुसार, 2026 तक दस लाख लोगों की मौत हो सकती है। इस स्थिति से कार्यबल में कमी आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ेगा। इस संकट से निपटने के लिए उन्होंने एआई के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया, ताकि बुज़ुर्गों की मदद की जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया जा सके।
जापान का जनसांख्यिकीय संकट
एलन मस्क ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पिछले पाँच दशकों में जापान में जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर काफ़ी बढ़ गया है। इसके कारण जनसंख्या में भारी गिरावट आ रही है। उनके अनुसार, 2026 तक लगभग 10 लाख लोगों की मृत्यु हो सकती है। यह एक गंभीर जनसांख्यिकीय परिवर्तन है, जिससे देश का कार्यबल कम हो जाएगा और स्वास्थ्य सेवा उद्योग पर भारी बोझ पड़ेगा।
जापान में इस समस्या के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- कम प्रजनन दर: जापान में प्रजनन दर बहुत कम है, जिसके कारण जन्म दर घट रही है।
- महंगी बाल देखभाल: बाल देखभाल बहुत महंगी है, जिसके कारण परिवार अधिक बच्चे पैदा नहीं कर पाते।
- विवाह और बच्चों में देरी: लोग देर से विवाह कर रहे हैं और बच्चे पैदा करने में भी देरी कर रहे हैं।
एआई ही एकमात्र समाधान है
मस्क का मानना है कि इस जनसांख्यिकीय बदलाव का समाधान केवल एआई द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "अब केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता ही उनका भगवान हो सकती है।" एआई का उपयोग बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने और कार्यबल में गिरावट की भरपाई करने के लिए किया जा सकता है। इससे जापान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद मिल सकती है।
जापानी सरकार और विशेषज्ञ भी इस समस्या से वाकिफ हैं। हाल ही में आई सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, जापान में हर साल होने वाली मौतों की संख्या, जन्मों की संख्या से लगभग 9 लाख ज़्यादा है। ये आँकड़े एलन मस्क के दावे की पुष्टि करते हैं और बताते हैं कि जापान एक गंभीर जनसांख्यिकीय चुनौती का सामना कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए भविष्य में एआई जैसी तकनीक का इस्तेमाल अहम साबित हो सकता है।