'आप' में महासेंधमारी के बाद अब भगवंत मान सरकार पर संकट के बादल, राज्यसभा में बढ़ी BJP की ताकत

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India News Live,Digital Desk : केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक बिसात पर एक ऐसी चाल चली है, जिसने पंजाब से लेकर दिल्ली तक की सियासत में भूचाल ला दिया है। पश्चिम बंगाल के चुनावी शोर के बीच भाजपा ने 'मिशन पंजाब' के तहत आम आदमी पार्टी (AAP) के किले में बड़ी सेंधमारी की है। राज्यसभा में 'आप' के 10 में से 7 सांसदों के टूटने के बाद अब चर्चा इस बात की है कि क्या पंजाब की भगवंत मान सरकार भी खतरे में है?

राज्यसभा में भाजपा का बढ़ा कद, विपक्ष पस्त

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही उच्च सदन यानी राज्यसभा में एनडीए की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। आम आदमी पार्टी से अलग हुए 7 सांसदों के समर्थन के बाद भाजपा की सदस्य संख्या 106 से बढ़कर 113 हो जाएगी। वहीं, एनडीए का कुनबा 134 से उछलकर 141 के आंकड़े तक पहुंच जाएगा। इस विभाजन ने न केवल विपक्ष की एकता को चोट पहुंचाई है, बल्कि दल-बदल कानून की दो-तिहाई की अनिवार्य शर्त को पूरा करते हुए तकनीकी रूप से भी इसे सुरक्षित बना दिया है।

लोकसभा में भी 'आप' को झटके की तैयारी

सूत्रों की मानें तो भाजपा का यह 'ऑपरेशन' अभी थमने वाला नहीं है। राज्यसभा के बाद अब नजरें लोकसभा पर टिकी हैं। बताया जा रहा है कि लोकसभा में आम आदमी पार्टी के तीन में से दो सांसद लगातार भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं। यदि ऐसा होता है, तो निचले सदन में भी अरविंद केजरीवाल की पार्टी को एक बड़ा झटका लग सकता है। यह कदम पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 'आप' के मनोबल को पूरी तरह तोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या खतरे में है भगवंत मान सरकार?

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पंजाब की मौजूदा सरकार को लेकर हो रही है। जानकारों का कहना है कि राज्यसभा सांसदों का यह विद्रोह महज एक शुरुआत है। सूत्रों का दावा है कि आने वाले समय में एक और 'बड़ा ऑपरेशन' हो सकता है, जो सीधे तौर पर पंजाब की राज्य सरकार के समीकरणों को बदल देगा। खुद 'आप' के दिग्गज नेता अब दबी जुबान में अपनी सरकार पर मंडराते संकट को स्वीकार करने लगे हैं। संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब में भाजपा अब अपनी सीधी मौजूदगी और सरकार बनाने की संभावनाओं को पूरी शिद्दत से तलाश रही है।

भाजपा का 'मिशन पंजाब' और सीमावर्ती राज्यों पर फोकस

भाजपा के लिए पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य हमेशा से रणनीतिक रूप से अहम रहे हैं। इन राज्यों में पार्टी लंबे समय से कमजोर रही थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम बताते हैं कि भाजपा अब क्षेत्रीय दलों के गढ़ में घुसकर अपनी सियासी पिच तैयार कर चुकी है। पंजाब में जिस तरह से 'आप' की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया गया है, उससे साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होने वाला है।