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July 18 2026 01:24 am

94 साल बाद रक्षाबंधन 2025 पर बना दुर्लभ महासंयोग 9 अगस्त को लक्ष्मी-नारायण का दोगुना आशीर्वाद, जानें कब बांधें राखी

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India News Live,Digital Desk : भारत का एक प्रमुख और अत्यंत प्रिय त्योहार, रक्षा बंधन, भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है। हर साल श्रावण पूर्णिमा के शुभ दिन मनाए जाने वाले इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं और उनके दीर्घायु, उज्ज्वल भविष्य और खुशहाली की कामना करती हैं। वहीं, भाई भी अपनी प्यारी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें उपहार भेंट करते हैं।

2025 का रक्षाबंधन: 94 साल बाद दुर्लभ महासंयोग!
ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2025 का रक्षा बंधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इस वर्ष एक दुर्लभ महासंयोग का निर्माण हो रहा है, जो लगभग 94 साल पहले, वर्ष 1930 में देखा गया था। इस वर्ष नक्षत्र, पूर्णिमा तिथि और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त का एक अनूठा संगम बन रहा है। मान्यता है कि इस विशेष योग में लक्ष्मी-नारायण जी की पूजा करने और राखी बांधने से दोगुना फल प्राप्त होता है, जिससे न केवल भाई-बहन के रिश्ते में मधुरता आती है, बल्कि धन और समृद्धि में भी अपार वृद्धि होती है।

शुभ मुहूर्त और भद्रा का समय: जानें कब बांधें राखी?
पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होगी और 9 अगस्त 2025 को दोपहर 1:24 बजे तक मान्य रहेगी। हालांकि, इस दौरान भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। भद्रा 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को सुबह 1:52 बजे तक रहेगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है, विशेषकर राखी बांधना। ऐसा कहा जाता है कि भद्रा मुख में राखी बांधने से भाई के लिए अशुभ हो सकता है। इसलिए, रक्षा बंधन का पर्व 8 अगस्त के बजाय 9 अगस्त को मनाया जाएगा, जब भद्रा काल समाप्त हो जाएगा।

राखी बांधने का सही और शुभ समय:
इस बार 9 अगस्त 2025 को राखी बांधने का सबसे शुभ और सटीक समय सुबह 5:21 बजे से लेकर दोपहर 1:24 बजे तक है। यह अवधि भद्रा काल के समाप्त होने के बाद शुरू होती है और पूर्णिमा तिथि के समाप्त होने से ठीक पहले तक रहती है। इस पूरे समयावधि में बहनें अपने भाइयों को पूरे विधि-विधान से राखी बांध सकती हैं और उनकी लंबी आयु व सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं।

लक्ष्मी-नारायण पूजा का महत्व:
इस वर्ष के रक्षा बंधन पर बन रहे विशेष महासंयोग में भगवान विष्णु (नारायण) और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से इनकी आराधना करने और साथ ही राखी बांधने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं और परिवार में लक्ष्मी का वास बना रहता है।

यह रक्षा बंधन भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाएगा और विशेष शुभ योग के कारण आपके जीवन में खुशियाँ और समृद्धि लेकर आएगा।