Big decision on Mumbai blasts करीब 18 साल बाद हाई कोर्ट ने सभी 12 'दोषियों' को बरी किया, सबको चौंकाया

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India News Live,Digital Desk : 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों को भला कौन भूल सकता है? उस खौफनाक दिन 189 बेगुनाह मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। अब, करीब 18 साल बाद, इस मामले में एक ऐसा फैसला आया है जिसने सबको चौंका दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में पहले से दोषी ठहराए गए सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है।

दरअसल, 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में एक के बाद एक सात बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 189 लोगों की जान चली गई थी और 829 घायल हुए थे। इस मामले में कई साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, सितंबर 2015 में एक स्पेशल मकोका (MCOCA) कोर्ट ने 13 में से 12 लोगों को दोषी ठहराया था। तब पांच दोषियों को मौत की सजा और सात को उम्रकैद सुनाई गई थी। एक आरोपी को तब भी बरी कर दिया गया था।

लेकिन अब, हाई कोर्ट ने निचले अदालत के उस फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि इन सभी 12 लोगों को अब निर्दोष माना जाएगा। यह फैसला निश्चित तौर पर अभियोजन पक्ष के लिए एक बड़ा झटका है और उन आरोपियों के लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिली आज़ादी है, जिन्होंने इतने साल जेल में बिताए। यह न्यायिक प्रक्रिया की एक और जटिलता को दर्शाता है, जहां निचली अदालत का फैसला ऊपरी अदालत में पूरी तरह से बदल सकता है।