28 साल का IAF पायलट शहीद: सुखोई क्रैश में गई जान, घर पहुंचे रिश्तेदारों से लिपटकर रो पड़े पिता
India News Live,Digital Desk : भारतीय वायुसेना के 28 वर्षीय जांबाज पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान हादसे में शहीद हो गए। असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हुए इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया, वहीं बेटे की शहादत की खबर सुनकर पिता भावुक हो उठे और रिश्तेदारों से लिपटकर रो पड़े।
ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुआ हादसा
भारतीय वायुसेना का सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। यह विमान असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद रडार से गायब हो गया था। बाद में पता चला कि विमान कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दोनों पायलटों की मौत हो गई।
हादसे में दो जांबाज पायलटों की मौत
इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की जान चली गई। विमान से संपर्क शाम करीब 7:42 बजे टूट गया था, जिसके बाद खोज अभियान चलाया गया और बाद में दुर्घटनास्थल से दोनों पायलटों के शव बरामद किए गए।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी निभाई थी अहम भूमिका
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर भारतीय वायुसेना के एक बहादुर अधिकारी थे और उन्होंने पिछले साल चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी हिस्सा लिया था। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। उनके परिवार को बाद में पता चला कि वे इस महत्वपूर्ण मिशन का हिस्सा रहे थे।
10 दिन पहले ही परिवार से मिलकर गए थे
बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय पुरवेश दुरागकर करीब दस दिन पहले ही महाराष्ट्र के नागपुर स्थित अपने घर आए थे और परिवार के साथ समय बिताया था। हादसे से एक दिन पहले भी उनकी अपने पिता से बातचीत हुई थी। परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही दिन ऐसी दुखद खबर मिलने वाली है।
देश ने खो दिया एक युवा जांबाज
इस हादसे के बाद भारतीय वायुसेना और देशभर में शोक की लहर है। रक्षा मंत्री और वायुसेना अधिकारियों ने दोनों पायलटों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि देश उनकी बहादुरी और सेवा को हमेशा याद रखेगा।