U-Visa के लालच में 'नकली शिकार' बने 11 भारतीय: अमेरिका में रची फर्जी डकैती की साजिश, पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़...

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India News Live,Digital Desk : सात समंदर पार अमेरिका में जाकर बसने और वहां की नागरिकता पाने की चाहत में 11 भारतीय नागरिकों ने एक ऐसा खतरनाक खेल खेला, जिसने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए। अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए 'U-Visa' हासिल करने के चक्कर में इन भारतीयों ने खुद के साथ फर्जी डकैती और लूटपाट की साजिश रच डाली। अमेरिकी फेडरल एजेंसियों ने अब इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने इमिग्रेशन लाभ पाने के लिए कानून और पुलिस को गुमराह कर एक नकली अपराध का ड्रामा रचा।

क्या है U-Visa का पूरा खेल?

अमेरिकी कानून के तहत 'U-Visa' उन लोगों को दिया जाता है जो किसी गंभीर अपराध का शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करते हैं। इसी कानूनी रियायत का फायदा उठाने के लिए इन 11 भारतीयों ने एक सोची-समझी साजिश तैयार की। इन्होंने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बाकायदा नकली डकैती की घटनाओं को अंजाम दिलवाया, ताकि पुलिस रिकॉर्ड में इनका नाम 'अपराध के शिकार' के तौर पर दर्ज हो जाए और इन्हें अमेरिका में रहने का कानूनी अधिकार मिल सके।

जांच में खुला 'फर्जीवाड़े' का कच्चा चिट्ठा

अमेरिकी जांच एजेंसियों को इन घटनाओं की रिपोर्टिंग में कुछ विसंगतियां नजर आईं, जिसके बाद गहन छानबीन शुरू की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन दुकानों या स्थानों पर डकैती का दावा किया गया था, वहां की परिस्थितियां और सीसीटीवी फुटेज मेल नहीं खा रहे थे। पूछताछ में यह साफ हो गया कि यह कोई वास्तविक लूटपाट नहीं, बल्कि वीजा पाने के लिए तैयार की गई एक 'स्क्रिप्ट' थी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से उन वास्तविक पीड़ितों के अधिकारों का हनन होता है जिन्हें सच में सुरक्षा और वीजा की जरूरत है।

कानूनी शिकंजे में फंसे भारतीय नागरिक

गिरफ्तार किए गए इन सभी भारतीयों पर धोखाधड़ी, साजिश रचने और सरकारी एजेंसियों को गलत जानकारी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग अब इनके पुराने रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों और जांच प्रक्रियाओं में और अधिक सख्ती बरती जा सकती है। फिलहाल, सभी आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।