June 22 2026 08:06 am

10 मिनट में 100 हमले, 250 की मौत; आखिर क्यों 24 घंटे के भीतर ही 'खटाई' में पड़ गया पाकिस्तान का शांति प्लान

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India News Live,Digital Desk : दुनिया अभी अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम (Ceasefire) की खुशियां मना ही रही थी कि महज 24 घंटे के भीतर इजरायल ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने पाकिस्तान की पूरी मध्यस्थता और शांति योजना पर पानी फेर दिया है। बुधवार को हुए संघर्ष विराम के ऐलान के बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है।

इस हमले ने न केवल लेबनान में रक्तपात मचाया है, बल्कि शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को इस्लामाबाद में होने वाली हाई-लेवल शांति वार्ता के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

इजरायल का 'ऑपरेशन लेबनान': 10 मिनट में मची तबाही

इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत और उसके दक्षिणी उपनगरों पर कहर बनकर मिसाइलें दागीं। इस हमले की भयावहता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

हमलों की रफ्तार: मात्र 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा हवाई हमले किए गए।

जान-माल का नुकसान: इस हमले में कम से कम 254 लोगों की मौत हुई है और 1,165 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

निशाना: इजरायल ने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर और बेरूत के मज़रा, मनारा, और बरबोर जैसे घने इलाकों को निशाना बनाया।

ईरान का पलटवार: फिर बंद हुआ 'होर्मुज' का रास्ता

लेबनान पर हुए इस हमले से ईरान बुरी तरह भड़क गया है। ईरान ने इसे सीजफायर की शर्तों का खुला उल्लंघन करार दिया है।

होर्मुज जलमार्ग बंद: जवाबी कार्रवाई के तौर पर ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने का ऐलान कर दिया है।

वार्ता से पीछे हटने के संकेत: पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने अपने उस सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जिसमें ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की बात कही गई थी। इससे साफ है कि ईरान अब इस शांति वार्ता में शामिल होने के मूड में नहीं है।

पाकिस्तान की फजीहत और इजरायल का तर्क

पाकिस्तान इस सीजफायर का श्रेय लेकर खुद को 'शांतिदूत' के रूप में पेश कर रहा था, लेकिन इजरायल और अमेरिका के एक स्टैंड ने पाकिस्तान के प्लान को 'फुस्स' कर दिया।

इजरायल का दावा: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का कहना है कि ईरान के साथ हुए युद्धविराम में लेबनान का कहीं जिक्र नहीं है। इसलिए वे हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे।

अमेरिका का समर्थन: अमेरिका ने भी स्पष्ट किया है कि सीजफायर केवल ईरान और अमेरिका के बीच है, लेबनान इसमें शामिल नहीं है।

तुर्की ने की निंदा, हिजबुल्लाह ने दी चेतावनी

इस बीच, तुर्की के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के इन हमलों की कड़ी निंदा की है। तुर्की ने कहा कि नेतन्याहू सरकार अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को जानबूझकर कमजोर कर रही है। वहीं, हिजबुल्लाह ने भी चेतावनी दी है कि वह इन हमलों का कड़ा जवाब देने का अधिकार रखता है।